Uttarakhand Board 2026 : उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (यूबीएसई) ने 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। अब छात्रों को प्रायोगिक परीक्षाओं की सही तारीखें पता चल गई हैं, जिससे उनकी तैयारी को सही दिशा मिल सकेगी।
यह घोषणा बोर्ड की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद हुई, जहां सभी पहलुओं पर विचार किया गया। प्रायोगिक परीक्षाएं विज्ञान, कंप्यूटर और अन्य व्यावहारिक विषयों में छात्रों की स्किल्स को परखने का अहम तरीका हैं। ये परीक्षाएं बोर्ड के कुल अंकों में अच्छा-खासा योगदान देती हैं, इसलिए इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।
परीक्षाओं का शेड्यूल क्या है?
2026 की प्रायोगिक परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेंगी। यह पूरा एक महीना इसलिए रखा गया है ताकि राज्य के पहाड़ी इलाकों में पड़ने वाली सर्दियों की छुट्टियों का असर न पड़े। कई स्कूलों में जनवरी में लंबी विंटर वेकेशन होते हैं, जिससे परीक्षाएं बाधित हो सकती थीं। इस लंबी अवधि से हर स्कूल में बिना किसी जल्दबाजी के परीक्षाएं हो सकेंगी।
पिछले साल भी इसी तरह का शेड्यूल अपनाया गया था, और इससे व्यवस्था काफी सुचारू रही। इस बार भी बोर्ड का फोकस यही है कि हर छात्र को समान अवसर मिले।
परीक्षकों की नियुक्ति और पारदर्शिता
बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस साल करीब 750 बाहरी परीक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। ये परीक्षक अलग-अलग स्कूलों में जाकर परीक्षाएं लेंगे और मूल्यांकन करेंगे।
चयन की प्रक्रिया परिषद के मुख्य कार्यालय में चल रही है। बोर्ड का जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और तय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इससे छात्रों का विश्वास बना रहेगा और परीक्षा की गुणवत्ता ऊंची रहेगी।
कितने छात्र दे रहे हैं परीक्षा?
इस बार बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा ले रहे हैं। कक्षा 10वीं में लगभग 1 लाख 12 हजार छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हैं, जबकि कक्षा 12वीं में करीब 1 लाख 3 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।
इतने बड़े पैमाने पर परीक्षाएं कराना आसान नहीं होता, इसलिए बोर्ड ने पहले से ही सभी इंतजाम कस लिए हैं। केंद्रों की व्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक हर चीज पर ध्यान दिया जा रहा है।
छात्रों और स्कूलों के लिए सलाह
बोर्ड अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रधानों, शिक्षकों और छात्रों से कहा है कि प्रायोगिक परीक्षाओं के नियमों को अच्छे से समझें और समय पर तैयारी पूरी करें। प्रायोगिक परीक्षाएं सिर्फ एक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि बोर्ड के कुल परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
छात्रों को सलाह है कि वे अपने विषयों के प्रैक्टिकल पर पूरा फोकस करें। लैब में अभ्यास करें, प्रोजेक्ट तैयार रखें और परीक्षा के दौरान शांत मन से प्रदर्शन करें। अच्छी तैयारी से न सिर्फ अंक अच्छे आएंगे, बल्कि आगे की पढ़ाई में भी फायदा होगा।
इस घोषणा के बाद राज्य भर के स्कूलों और छात्रों में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां और तेज हो गई हैं। अगर आप भी इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो अब समय है कि प्लानिंग को और मजबूत बनाया जाए।















