देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दुखद घटना ने पूरे मीडिया जगत को झकझोर कर रख दिया है। स्वतंत्र वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और स्थानीय मुद्दों पर बेबाकी से लिखते थे।
घटना 15 दिसंबर की रात की है। परिवार के अनुसार, कुछ लोग उनके घर में घुस आए और विवाद के बाद मारपीट की। पंकज मिश्रा पहले से हार्ट और लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हमले में उन्हें सीने और पेट पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। रात में अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेहोश हो गए। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि विवाद की जड़ एक सोशल मीडिया पोस्ट थी। पंकज ने कुछ लिखा था, जिससे नाराजगी हुई। बाद में उन्होंने पोस्ट डिलीट कर माफी भी मांगी, लेकिन बात बढ़ गई और घर तक पहुंच गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी एक डिजिटल मीडिया संचालक है।
मुख्यमंत्री का परिवार को समर्थन
इस हादसे के बाद पंकज मिश्रा की पत्नी लक्ष्मी मिश्रा और उनके भाई अरविंद मिश्रा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। उन्होंने पूरी घटना की विस्तार से जानकारी दी और न्याय की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री धामी ने परिवार के दुख में शामिल होते हुए गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुश्किल समय में परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है। हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच हो। किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
धामी ने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को इस अपार दर्द को सहने की ताकत प्रदान करें।
यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठा रही है। सोशल मीडिया पर बहस का असल जिंदगी में हिंसा तक पहुंचना चिंताजनक है। उम्मीद है कि जांच से सच सामने आएगा और परिवार को न्याय मिलेगा।















