उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं, आपदा प्रबंधन से जुड़े कामों और अपनी घोषणाओं को अमल में लाने के लिए कुल 210 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को वित्तीय मंजूरी दे दी है।
यह फैसला राज्य की प्रगति को गति देने और आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर पहाड़ी इलाकों में जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी अक्सर चुनौती बनी रहती है।
आपदा प्रबंधन में मजबूती लाने की पहल
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़ और भूस्खलन आम हैं, जो राहत कार्यों को मुश्किल बनाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने आपदा राहत और बचाव अभियानों के लिए 71 बोलेरो वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है, जिस पर करीब 7.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये वाहन जिला स्तर पर मांग के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि मुश्किल समय में तेजी से मदद पहुंचाई जा सके।
इसके अलावा, पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के करीब 7 किलोमीटर हिस्से को नए सिरे से बनाने की योजना को भी हरी झंडी मिली है। इस पर 188.55 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जो राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और पर्यटन तथा व्यापार को बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री घोषणाओं का क्रियान्वयन: स्थानीय जरूरतों पर फोकस
धामी सरकार ने अपनी घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विधानसभा क्षेत्र में हरकोट से थामडी कुंड और जलथ से फगुनी उड्यार तक संपर्क मार्ग बनाने पर 88.76 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी क्षेत्र में दोबाटा से मर्ताली तक 3.02 किलोमीटर लंबी मोटर सड़क के निर्माण के लिए 84.12 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
डीडीहाट विधानसभा में मूनाकोट विकासखंड के नैनीपातल से भगवती मंदिर तक सीमेंटेड संपर्क मार्ग पर 45.74 लाख रुपये का बजट तय हुआ है। ये सड़कें ग्रामीण इलाकों को मुख्य शहरों से जोड़ेंगी, जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों को बाजार पहुंचने में आसानी होगी।
चंपावत और अन्य जिलों में विकास कार्य
चंपावत जिले के चंपावत विधानसभा क्षेत्र में बागवानी विकास के लिए नाबार्ड फंड से 98.18 लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जो किसानों को नई तकनीकों और फसलों से जोड़ेगी। पूर्णागिरी तहसील में एक मिनी विकास भवन और बार भवन बनाने पर 533.79 लाख रुपये लगेंगे, जो प्रशासनिक सेवाओं को आसान बनाएंगे।
देहरादून के चकराता क्षेत्र में कांडई, चामा और गाता ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक टीन शेड बनाने के लिए 55.95 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। ऊधम सिंह नगर के खटीमा में 300 हैंडपंप लगाने की योजना पर 499.65 लाख रुपये खर्च होंगे, जो ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की समस्या को दूर करेगी।
बाढ़ सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जिले के नारसन विकासखंड में मुकीमपुर गांव के पास सोलानी नदी के बाएं किनारे पर बाढ़ से बचाव के लिए दो स्पर बनाने को भी मंजूरी दी है। इस पर 24.37 लाख रुपये का खर्च आएगा, जो नदी के कटाव को रोकेगा और आसपास के खेतों तथा गांवों को सुरक्षित रखेगा।
उत्तराखंड में बाढ़ जैसी आपदाओं से सालाना करोड़ों का नुकसान होता है, इसलिए ऐसे काम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मददगार साबित होंगे। कुल मिलाकर, ये मंजूरियां राज्य के संतुलित विकास को सुनिश्चित करती हैं, जहां शहरों के साथ-साथ दूरदराज के गांवों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।















