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उत्तराखंड सरकार ने मिलावट के खिलाफ शुरू किया बड़ा अभियान, विशेष टीमें तैनात

Published on: December 16, 2025 10:07 PM
उत्तराखंड सरकार ने मिलावट के खिलाफ शुरू किया बड़ा अभियान, विशेष टीमें तैनात
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त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में मिठाइयों, केक और तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू फैल जाती है। उत्तराखंड में भी क्रिसमस और नववर्ष के जश्न में लोग प्लम केक, कुकीज, चॉकलेट्स और गुलाब जामुन जैसी चीजों का खूब लुत्फ उठाते हैं। लेकिन इस उल्लास के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने लोगों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है।

यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशन में चल रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरे राज्य में मिलावट और घटिया सामग्री पर नजर रख रहा है। त्योहारों में खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ने से दुकानदार कभी-कभी जल्दबाजी में गलतियां कर बैठते हैं, जैसे अस्वच्छ जगहों पर सामान बनाना या पुरानी चीजें बेचना। सरकार का मकसद है कि ऐसा कुछ न हो और हर कोई बेफिक्र होकर त्योहार मना सके।

कौन-सी चीजों पर है विशेष नजर?

विभाग ने उन खाद्य पदार्थों की सूची तैयार की है जो इन त्योहारों में सबसे ज्यादा बिकते हैं। इनमें मिठाइयां जैसे जलेबी, गुलाब जामुन और खीर शामिल हैं। साथ ही नमकीन, बेकरी आइटम्स जैसे केक, पेस्ट्री, प्लम केक और कुकीज पर भी कड़ी निगरानी है। डेयरी प्रोडक्ट्स, चॉकलेट्स, क्रिसमस पुडिंग, समोसा, बिरयानी, रोस्ट चिकन और पिज्जा जैसे तैयार भोजन भी जांच के दायरे में हैं। इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों से सैंपल लिए जा रहे हैं और लैब में टेस्ट किए जा रहे हैं।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि यह अभियान सभी स्तर के अधिकारियों की टीम वर्क से चल रहा है। राज्य की पहाड़ी इलाकों और मौसम को ध्यान में रखते हुए अन्य राज्यों के अच्छे तरीकों को अपनाया गया है। हर जिले में विशेष टीमें बनी हैं जो उत्पादन इकाइयों से लेकर थोक और खुदरा दुकानों तक की पूरी चेन की जांच कर रही हैं।

जांच कैसे हो रही है?

होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, बेकरी, मिठाई की दुकानें, डेयरी यूनिट्स और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर नियमित और सरप्राइज चेकिंग हो रही है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और संबंधित नियमों का पालन न करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। जरूरत पड़ने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद भी ली जा रही है।

सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार सिर्फ सजा देने पर फोकस नहीं कर रही। बल्कि दुकानदारों और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा के बारे में जागरूक बनाने का प्रयास भी कर रही है। ताकि वे खुद ही जिम्मेदारी से काम करें।

लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण

आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि शुद्ध भोजन हर किसी का हक है और विभाग इस पर कोई समझौता नहीं करेगा। निर्माण से लेकर बिक्री तक हर स्तर पर निगरानी है। हर दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट ली जा रही है ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे।

आम लोग भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। अगर आपको कहीं मिलावट या घटिया सामग्री का शक हो तो विभाग के टोल-फ्री नंबर या पोर्टल पर शिकायत करें। तुरंत जांच होगी और कार्रवाई भी।

यह अभियान न सिर्फ त्योहारों को सुरक्षित बनाएगा बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा। आखिर त्योहारों की खुशी तभी पूरी होती है जब सब स्वस्थ और खुश रहें।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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