हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार के बैरागी कैंप इलाके में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बजरी वाला स्थित एक टेंट गोदाम धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान स्वाहा हो गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और कनखल पुलिस मौके पर पहुंची। गनीमत रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई, लेकिन आर्थिक नुकसान भारी बताया जा रहा है।
आंखों के सामने जलती रही रोजी-रोटी
स्थानीय पार्षद सचिन अग्रवाल ने बताया कि प्रकाश टेंट हाउस के मालिक वीरेंद्र भाटिया ने करीब छह महीने पहले ही यहां खाली प्लॉट में गोदाम बनाया था। शादी का सीजन खत्म होने के कारण टेंट, पर्दे, गद्दे और फर्नीचर का बड़ा स्टॉक यहीं रखा हुआ था।
बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक गोदाम से लपटें उठनी शुरू हुईं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। मौके पर पहुंचे मालिक वीरेंद्र भाटिया और उनके कर्मचारी अपनी आंखों के सामने सब कुछ जलता देख बिलख-बिलख कर रोने लगे। वहां मौजूद भीड़ और स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और सांत्वना दी। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि पास खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था।
पानी के लिए लगाने पड़े 15 चक्कर
गोदाम में गद्दे, रजाई और कपड़ों जैसा ज्वलनशील सामान होने के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ। शुरुआत में मायापुर फायर स्टेशन से तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की भयावहता देख सिडकुल फायर स्टेशन से भी एक अतिरिक्त गाड़ी बुलानी पड़ी।
दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। पानी खत्म होने पर गाड़ियों को बार-बार रिफिल करना पड़ा। चारों गाड़ियों ने आसपास से पानी लाने के लिए कुल 15 चक्कर लगाए। करीब साढ़े तीन घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई जा सकी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
हरिद्वार के एफएसओ (FSO) बीरबल सिंह ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। कुल चार गाड़ियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने बताया कि गोदाम में रखे टेंट के पर्दों और गद्दों के कारण आग तेजी से फैली। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रशासन द्वारा नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।



















