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Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, येलो अलर्ट जारी

Published on: December 16, 2025 2:37 PM
Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, येलो अलर्ट जारी
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Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के मैदानी हिस्सों में सर्दियां अब अपना रंग दिखाने लगी हैं। खासतौर पर तराई क्षेत्र, जो हिमालय की तलहटी में बसा है, वहां ठंड की लहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

यह इलाका अपनी हरियाली और कृषि के लिए जाना जाता है, लेकिन सर्दियों में यहां घना कोहरा छा जाता है, जो दृश्यता को बुरी तरह कम कर देता है। रुद्रपुर जैसे शहरों में सुबह-सुबह सफेद कोहरे की चादर फैल जाती है, जिससे सड़कें धुंधली हो जाती हैं और यातायात सुस्त पड़ जाता है।

कोहरे का असर यातायात पर

उधम सिंह नगर और नैनीताल जिले के तराई भागों में कोहरा इतना घना है कि वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही हैं, जिससे यात्रियों को घंटों की देरी का सामना करना पड़ता है। न सिर्फ सड़कें, बल्कि रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। लालकुआं जैसे इलाकों में पहली बार इस मौसम का कोहरा देखा गया है, जो स्थानीय निवासियों के लिए एक चुनौती बन गया है। यहां के लोग बताते हैं कि दृश्यता लगभग शून्य हो जाने से सुबह 8 बजे के बाद भी वाहनों की लाइटें जलानी पड़ती हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने सतर्कता बरतते हुए हरिद्वार और उधम सिंह नगर के कुछ हिस्सों में मध्यम से घने कोहरे की आशंका जताई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देता है। विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में मौसम सूखा रह सकता है, जबकि देहरादून में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तराखंड में सर्दियां आमतौर पर नवंबर से फरवरी तक चलती हैं, और तराई क्षेत्र में औसतन 10-15 दिनों तक घना कोहरा रहता है, जो कृषि और यातायात पर असर डालता है।

ठंड से निपटने के स्थानीय उपाय

बढ़ती सर्दी में लोग गर्मी के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। लालकुआं के नगर पंचायत ने पहले से ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर रखी है, जिससे राहगीरों को राहत मिल रही है। स्थानीय निवासी दीवान सिंह बिष्ट जैसे लोग कहते हैं कि इस बार कोहरा जल्दी आ गया है, जिससे ठंड और तेज महसूस हो रही है। ऐसे में, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह-सुबह यात्रा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और वाहनों में फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें। यह मौसम न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है, क्योंकि तराई इलाका कृषि पर निर्भर है और कोहरा फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

आगे क्या उम्मीद करें

उत्तराखंड में सर्दियां हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन तराई के निवासियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय होता है। मौसम विभाग के डेटा से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में इस बार ठंड थोड़ी जल्दी शुरू हुई है, और आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है। लोगों को सलाह है कि मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और सुरक्षित रहें। यह मौसम बदलाव की याद दिलाता है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना कितना जरूरी है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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