होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलटेक्नोलॉजीस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम 7वां वेतन आयोगसोने का भाव डीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

देहरादून नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप

Published on: December 17, 2025 3:53 PM
देहरादून नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
Join Our Whatsapp Channel

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दुखद घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। यहां एक नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहां इलाज के दौरान एक युवक की जान चली गई। परिवार का कहना है कि केंद्र के प्रबंधन की ढिलाई ने इस हादसे को जन्म दिया। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आए।

नशे की लत से जूझते युवक की कहानी

नीरज नाम का यह 32 वर्षीय युवक तपोवन इलाके का रहने वाला था। उसके परिवार ने उसे नशे की बुरी आदत से छुटकारा दिलाने के लिए कई महीनों पहले रांझावाला स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया था। ऐसे केंद्र अक्सर उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनते हैं जो नशे के जाल में फंस चुके होते हैं।

भारत में नशे की समस्या काफी गंभीर है—राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, हर साल लाखों युवा नशे की चपेट में आते हैं, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में यह संख्या बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नशा मुक्ति केंद्रों में सही देखभाल और समय पर चिकित्सा मदद से 60-70% मरीज ठीक हो सकते हैं, लेकिन लापरवाही से स्थिति बिगड़ सकती है।

क्या हुआ उस दिन?

14 दिसंबर को अचानक नीरज की तबीयत बिगड़ी। केंद्र के कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के बीच ही उसकी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों का दावा है कि अगर शुरुआत में ही सही मेडिकल सुविधा दी जाती, तो शायद यह नौबत नहीं आती। नीरज की बहन रोशनी देवी ने इस संबंध में रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने केंद्र के संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा कितनी जरूरी है, क्योंकि यहां आने वाले लोग पहले से ही कमजोर होते हैं।

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई

रायपुर थाने के प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि मौत की खबर मिलते ही पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। डॉक्टरों ने मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया, इसलिए विसरा को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस टीम केंद्र पहुंची और वहां के स्टाफ से पूछताछ की। साथ ही, घटना के वक्त की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त कर लिया गया है। जांच जारी है, और अगर लापरवाही साबित हुई तो दोषियों पर सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।

यह मामला नशा मुक्ति केंद्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। उत्तराखंड में ऐसे सैकड़ों केंद्र चल रहे हैं, लेकिन कई में सुविधाओं की कमी या प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपस्थिति की शिकायतें आती रहती हैं।

सरकार ने हाल ही में इन केंद्रों के लिए सख्त नियम बनाए हैं, जैसे 24 घंटे मेडिकल सपोर्ट और सीसीटीवी की अनिवार्यता, लेकिन अमल कितना हो रहा है, यह जांच का विषय है। अगर आप या आपके जानने वाले नशे से प्रभावित हैं, तो प्रमाणित केंद्र चुनें और परिवार का साथ जरूर लें—यह सफर अकेले नहीं जीता जा सकता।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading