Parenting Tips for Toddlers : हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन में नई ऊंचाइयों को छुए। लेकिन सफलता के साथ-साथ एक ‘बेहतर इंसान’ बनना भी उतना ही जरूरी है।
परवरिश का यह काम आसान नहीं होता, इसके लिए माता-पिता को पूरी ताकत लगानी पड़ती है। अगर आपके घर में 5 साल से कम उम्र के बच्चे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है।
विशेषज्ञों और अनुभवों के आधार पर यह माना जाता है कि बच्चे छोटी उम्र में नई चीजों को बहुत तेजी से सीखते और अपनाते हैं।
यहां हम उन बुनियादी आदतों (Basic Habits) पर बात कर रहे हैं, जिन्हें आपको आज से ही अपने बच्चों की दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
‘थैंक यू’ कहना: आभार जताने की पहली सीढ़ी
बच्चे को जितनी जल्दी हो सके ‘थैंक यू’ या शुक्रिया कहने की आदत डलवाएं। यह सिर्फ एक रटा-रटाया शब्द नहीं है, बल्कि यह बच्चे के मन में कृतज्ञता (Gratitude) का भाव पैदा करता है।
जब बच्चा यह सीख जाता है कि उसे कब और किसके छोटे-से-छोटे काम के लिए धन्यवाद देना है, तो वह दूसरों के प्रयासों की सराहना करना सीखता है। यह आदत उसे विनम्र बनाती है।
खाने का सही सलीका (Table Manners)
खाना खाना सिर्फ पेट भरने की प्रक्रिया नहीं है, यह एक संस्कार भी है। यह एक ऐसा बेसिक मैनर है जिसे बच्चा जितनी जल्दी सीख ले, उतना अच्छा है। अपने बच्चे को समझाएं कि भोजन चबाते समय मुंह बंद रखना जरूरी है।
उन्हें बताएं कि मुंह खोलकर चबाने से आने वाली आवाज दूसरों को परेशान कर सकती है और यह अच्छे शिष्टाचार के खिलाफ है।
चीजों को व्यवस्थित रखने की समझ
अक्सर बच्चे खेलने के बाद खिलौने या पढ़ने के बाद किताबें फैलाकर छोड़ देते हैं। आपको अपने बच्चे में चीजों को सुलझाकर या व्यवस्थित रखने की आदत डालनी चाहिए।
- खाना खाने के बाद प्लेट को सही जगह रखना।
- खेल खत्म होने पर खिलौनों को बॉक्स में डालना।
- पढ़ाई के बाद किताबों को शेल्फ में रखना।
यह छोटी सी लगने वाली आदत बच्चे को जीवन भर के लिए अनुशासन और साफ-सफाई की कीमत सिखाती है।
बातचीत का तरीका: सुनना भी है जरूरी
बच्चे को समाज में सम्मान मिले, इसके लिए उसका बातचीत करने का तरीका सही होना चाहिए। बच्चों में अक्सर अपनी बात कहने की जल्दी होती है। उन्हें सिखाएं कि जब दो लोग आपस में बात कर रहे हों, तो बीच में बोलकर रुकावट न डालें।
एक बेहतर इंसान बनने के लिए यह जरूरी है कि बच्चा पहले सामने वाले की बात को ध्यान से सुने, समझे और उसके बाद ही अपनी राय या जवाब दे।















