Carbide Ripened Mangoes Health Risks : गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में हर तरफ आम नजर आने लगते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी को इनका मीठा स्वाद पसंद होता है। लेकिन आम खाने की इस जल्दबाजी में हम कई बार अपनी सेहत के साथ समझौता कर बैठते हैं।
ज्यादा मुनाफा कमाने और समय से पहले आम को बाजार में उतारने के लिए कई जगहों पर केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। आम पकाने के लिए मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बाइड (Calcium carbide) का प्रयोग किया जाता है, जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है।
शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है कार्बाइड?
जब कैल्शियम कार्बाइड हवा की नमी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन नाम की गैस बनती है। इसके साथ ही आम में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसे खतरनाक केमिकल के अंश भी रह जाते हैं।
ये रसायन हमारे शरीर और विशेष रूप से नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डालते हैं। इसके कारण पेट खराब होने से लेकर नसों से जुड़ी समस्याएं तक हो सकती हैं। यही वजह है कि फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने कार्बाइड से फल पकाने पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है।
4 तरीकों से करें असली और केमिकल वाले आम की पहचान
बाजार से आम खरीदते समय आप अपनी थोड़ी सी समझदारी से असली और केमिकल से पके आम के बीच का फर्क आसानी से समझ सकते हैं। इसके लिए बस इन चार बातों का ध्यान रखें:
रंग से पहचानें
प्राकृतिक रूप से पका आम हल्का पीला और सुनहरा होता है। वहीं, केमिकल से पका आम जरूरत से ज्यादा चमकीला पीला दिखाई देता है, जिसका रंग बिल्कुल अस्वाभाविक लगता है।
खुशबू पर ध्यान दें
प्राकृतिक रूप से पके आमों में एक खास तरह की मीठी महक आती है। अगर आम केमिकल से पकाया गया है, तो उसमें यह प्राकृतिक खुशबू नहीं होगी।
छूकर देखें
आम खरीदते समय उसे हल्का सा दबाकर जरूर चेक करें। केमिकल वाला आम बाहर से बहुत सख्त और अंदर से अजीब सा पिलपिला या नरम महसूस होता है।
स्वाद में अंतर
असली आम खाने में रसीला होता है। दूसरी ओर, कार्बाइड से पके आम का स्वाद बिल्कुल फीका होता है और इसमें प्राकृतिक मिठास नहीं मिलती।
बाजार में आम खरीदते समय हमेशा उनकी जांच करें। खाने से पहले आम को कम से कम आधे घंटे के लिए पानी में जरूर भिगोकर रखें, ताकि बाहरी गंदगी और रसायनों का असर कम हो सके।
















