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Naukasana Yoga Benefits : रोज सुबह सिर्फ 5 मिनट करें नौकासन, पाचन से लेकर रीढ़ तक को मिलेगा आराम

नौकासन पेट की मांसपेशियों को टोन करने, पाचन सुधारने और शरीर का संतुलन बेहतर बनाने वाला एक असरदार योगासन है। इसे सही तकनीक के साथ करने से कोर मजबूत होता है, लेकिन कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं में इससे परहेज करना जरूरी है।

Published On: August 18, 2026 11:10 AM
Naukasana Yoga Benefits

Naukasana Yoga Benefits : घंटों बैठकर काम करने और खराब खानपान की वजह से पेट पर जमा चर्बी और पाचन से जुड़ी दिक्कतें आजकल बहुत आम हो चुकी हैं।

योग में ऐसे कई आसान अभ्यास हैं जो शरीर को बिना जरूरत से ज्यादा थकाए अंदरूनी मजबूती देते हैं। इन्हीं में से एक है नौकासन, जिसे नावासन या ‘बोट पोज’ भी कहते हैं।

इस आसन में शरीर का आकार पानी में तैरती नाव जैसा बनता है। जब आप इसे नियमित रूप से करते हैं, तो पेट के निचले हिस्से, कमर और जांघों पर सीधा खिंचाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

नौकासन करने से शरीर को क्या फायदे मिलते हैं?

कोर मसल्स और एब्स टोन होते हैं: इस मुद्रा में संतुलन बनाने के लिए पूरा जोर पेट की मांसपेशियों पर आता है, जिससे पेट की जिद्दी चर्बी कम करने में मदद मिलती है।

डाइजेशन बेहतर रहता है: पेट पर पड़ने वाला हल्का दबाव पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे कब्ज, ब्लोटिंग और गैस की समस्या में आराम मिलता है।

रीढ़ की हड्डी और कमर को मजबूती: पीठ की मांसपेशियां खिंचने से रीढ़ का लचीलापन बढ़ता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न दूर होती है।

शारीरिक संतुलन और फोकस: शरीर को केवल हिप्स के सहारे टिकाए रखने से मानसिक एकाग्रता और बॉडी बैलेंस दोनों सुधरते हैं।

नौकासन करने का सही तरीका (Step-by-Step Guide)

योग मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में सटाकर रखें और हाथ शरीर के बगल में सीधे रखें।

एक लंबी सांस अंदर लें। अब सांस छोड़ते हुए सिर, सीने और दोनों पैरों को जमीन से करीब 30 से 45 डिग्री ऊपर उठाएं।

अपने हाथों को आगे की तरफ सीधा फैलाएं ताकि उंगलियां घुटनों या पंजों की सीध में रहें।

अपनी नजरें पैरों के अंगूठों पर रखें। इस दौरान आपकी रीढ़ सीधी रहनी चाहिए और शरीर का भार नितंबों (hips) पर होना चाहिए।

इस स्थिति में सामान्य सांस लेते हुए 10 से 20 सेकंड रुकें। पेट की मांसपेशियों पर खिंचाव महसूस करें।

सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सिर, हाथ और पैरों को वापस जमीन पर ले आएं और कुछ सेकंड रिलैक्स करें। इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं।

किन बातों का रखें ध्यान और कौन न करे?

हर योगासन हर शरीर के लिए एक जैसा नहीं होता। नौकासन करते समय पेट और ब्लड प्रेशर पर दबाव आता है, इसलिए कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए:

हार्ट और बीपी मरीज: गंभीर दिल की बीमारी, लो ब्लड प्रेशर या अस्थमा की समस्या हो तो इसका अभ्यास न करें।

माइग्रेन या सिरदर्द: तेज सिरदर्द या माइग्रेन का अटैक आने पर यह आसन न लगाएं।

गर्भावस्था (Pregnancy): प्रेग्नेंट महिलाओं को नौकासन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भाशय और पेट पर सीधा दबाव पड़ता है।

कमर में तेज दर्द: अगर स्लिप डिस्क या कमर की कोई पुरानी गंभीर चोट है, तो डॉक्टर या योग ट्रेनर की सलाह के बिना इसे न करें।

अगर आप योग की शुरुआत कर रहे हैं, तो शुरुआत में पैरों को ज्यादा ऊंचा उठाने का तनाव न लें। शरीर जितना आसानी से मुड़ सके, उतना ही करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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