Pregnancy Diet : गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इस समय सिर्फ पेट भरना काफी नहीं होता, बल्कि खाने में मौजूद पोषण की गुणवत्ता सबसे ज्यादा मायने रखती है।
सही समय पर सही पोषक तत्व मिलने से गर्भ में पल रहे शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से होता है। वहीं, पोषक तत्वों की अनदेखी करने से एनीमिया, हड्डियों की कमजोरी और थकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
ये 6 पोषक तत्व हैं सबसे ज्यादा जरूरी

गर्भावस्था के समय शरीर को आम दिनों की तुलना में अधिक ऊर्जा और न्यूट्रिएंट्स की आवश्यकता होती है। मुख्य रूप से इन विटामिन्स और मिनरल्स का ध्यान रखना जरूरी है:
फोलिक एसिड: शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के शुरुआती विकास के लिए यह बेहद अहम है।
आयरन: शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने और खून की कमी से बचाने में मदद करता है।

कैल्शियम: गर्भस्थ शिशु की हड्डियों और दांतों की बनावट को मजबूती देता है और मां की हड्डियों को सुरक्षित रखता है।
विटामिन डी: यह शरीर को कैल्शियम को ठीक से अवशोषित करने में मदद करता है।
आयोडीन: बच्चे के नर्वस सिस्टम और थायराइड फंक्शन को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी है।
विटामिन बी12: रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और तंत्रिका तंत्र को दुरुस्त रखने का काम करता है।
डाइट में क्या शामिल करें?
जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए भोजन में विविधता होना आवश्यक है। अपनी रोज की थाली में इन चीजों को प्राथमिकता दें:
हरी पत्तेदार सब्जियां और दालें: पालक, मेथी, बीन्स और चने में फोलिक एसिड और आयरन प्रचुर मात्रा में मिलता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही और पनीर का नियमित सेवन कैल्शियम और प्रोटीन की कमी को दूर करता है।
अंडे और नट्स: यदि आप मांसाहारी हैं तो अंडे का सेवन कर सकती हैं। शाकाहारी लोग बादाम, अखरोट और कद्दू के बीज ले सकते हैं।

साबुत अनाज और फल: दलिया, ओट्स, संतरा और अनार पाचन को सही रखने के साथ जरूरी विटामिन्स देते हैं।
क्या सप्लीमेंट्स लेना हर महिला के लिए जरूरी है?
कई बार केवल भोजन से सभी पोषक तत्वों की दैनिक आवश्यकता पूरी नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में डॉक्टर्स आयरन, कैल्शियम या फोलिक एसिड की गोलियां लेने की सलाह देते हैं।
हालांकि, बिना डॉक्टरी परामर्श के बाजार से खुद कोई सप्लीमेंट खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
किसी भी विटामिन की अत्यधिक मात्रा शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सप्लीमेंट का डोज हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह पर ही तय करें।













