Kala Dhaga Vastu Rules : ज्योतिष विज्ञान में पहनावे और रंगों का सीधा असर हमारी ऊर्जा पर पड़ता है। अक्सर लोग हाथ या पैर में काला धागा बांधते हैं, जिसे कुछ लोग फैशन मानते हैं तो कुछ बुरी नजर से बचने का उपाय।
असल में इसका संबंध शनि देव और सुरक्षा चक्र से है। काला धागा धारण करने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन करने पर ही इसका सकारात्मक प्रभाव मिलता है।
लड़के और लड़कियों के लिए अलग नियम
ज्योतिष शास्त्र स्पष्ट करता है कि जेंडर के हिसाब से काला धागा पहनने का तरीका अलग होता है। लड़कियों को यह धागा हमेशा अपने बाएं पैर (Left Leg) में बांधना चाहिए।
वहीं, लड़कों के लिए दाएं पैर (Right Leg) में काला धागा धारण करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि सही पैर में धारण करने से ही यह बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है।
शनिवार और शनि देव का कनेक्शन
काला धागा किसी भी दिन सच्चे भाव से पहना जा सकता है, लेकिन शनिवार का दिन इसके लिए सबसे उपयुक्त है। काला रंग सीधे तौर पर शनि देव का प्रतीक है।
इस दिन शनि मंत्र का 108 बार जाप करते हुए इसे घर पर धारण किया जा सकता है। आप चाहें तो शनि मंदिर जाकर किसी पंडित से अभिमंत्रित करवाकर भी इसे पहन सकते हैं।
इसकी ऊर्जा इतनी प्रबल होती है कि यह हर तरह की बुरी शक्तियों को बेअसर कर देती है।
कब बदलना चाहिए पुराना धागा?
काला धागा एक बार पहनने के बाद हमेशा के लिए नहीं होता। ज्योतिषीय नियमों के मुताबिक, इसे हर 21 से 30 दिन के बीच बदल लेना चाहिए। यदि यह बीच में टूट जाए या खराब हो जाए, तो इसे तुरंत बदल दें।
जो लोग इसे पैर में नहीं बांधना चाहते, उनके लिए इसे बाजू में पहनने का विकल्प भी खुला है।



















