Dining Room Vastu : वास्तु शास्त्र सिर्फ दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने का एक प्राचीन विज्ञान है।
घर का डाइनिंग एरिया वह जगह है जहां पूरा परिवार एक साथ बैठता है, इसलिए यहां की व्यवस्था सीधे तौर पर परिवार की सेहत और आपसी रिश्तों पर असर डालती है। सही लेआउट और चीजों का रख-रखाव घर में खुशहाली ला सकता है।
कैसा हो डाइनिंग टेबल का आकार
वास्तु के नियमों के मुताबिक, डाइनिंग टेबल हमेशा गोल या अंडाकार (Oval) होनी चाहिए। इस आकार की टेबल जीवन में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती है।
इसका एक व्यावहारिक लाभ यह भी है कि गोल टेबल पर बैठकर भोजन करते समय खाने और व्यक्ति के बीच की दूरी कम रहती है, जिससे सामान लेने में आसानी होती है।
ध्यान रखें कि टेबल के कोने आराम करने वाली जगह की ओर नहीं होने चाहिए। ऐसा लेआउट देखने में अजीब लगता है और वास्तु के अनुकूल नहीं माना जाता।
बर्तनों की स्थिति और साफ-सफाई
अक्सर लोग पुराने बर्तनों का मोह नहीं छोड़ पाते, लेकिन वास्तु कहता है कि पिचके और टूटे बर्तनों को तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए। भले ही आपकी प्लेट और गिलास एकदम नए न हों, लेकिन वे साफ और अच्छी स्थिति में होने चाहिए।
सलीके से परोसा गया खाना न केवल घर के सदस्यों को अच्छा महसूस कराता है, बल्कि मेहमानों के सामने भी आपकी छवि को निखारता है।
भोजन के समय नो टीवी, नो वॉच
आजकल डाइनिंग रूम में टीवी लगाने का चलन बढ़ा है, जिसे वास्तु में सही नहीं माना गया है। यदि आपके डाइनिंग रूम में टीवी या घड़ी लगी है, तो उसे हटा देना बेहतर है।
टीवी चलने पर लोगों का ध्यान खाने और आपसी बातचीत के बजाय स्क्रीन पर रहता है। इससे परिवार के बीच का संवाद कम हो जाता है और भोजन से ध्यान भटकता है।
सजावट से बढ़ाएं सकारात्मकता
डाइनिंग टेबल पर ताजे फूल और एक गोल बर्तन में फल रखना ताजगी और संपन्नता को दर्शाता है। कमरे में रोशनी का उचित प्रबंध होना चाहिए।
आप वहां सकारात्मकता दर्शाने वाली पेंटिंग और छोटे पौधे भी लगा सकते हैं। यह माहौल को खुशमिजाज बनाने में मदद करता है।



















