Diya Vastu : वास्तु शास्त्र में शाम के वक्त घर में दीया जलाने की परंपरा को बेहद खास माना गया है। मान्यता है कि सही तरीके से जलाया गया दीपक घर में सुख, शांति और पॉजिटिव एनर्जी खींचकर लाता है।
लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर हमारे जीवन पर उल्टा पड़ने लगता है। यहां जानिए कि दीपक जलाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपके परिवार को इसका पूरा लाभ मिल सके।
दीया जलाने का सही वक्त क्या है?
अक्सर लोग अपनी सुविधा के अनुसार पूजा करते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से समय का पाबंद होना जरूरी है। शाम को घर में दीया जलाने का सबसे सही समय सूर्यास्त के ठीक बाद का होता है।
दिन ढलने के बाद का यह वक्त घर से नेगेटिव एनर्जी को बाहर करता है और पॉजिटिविटी लाता है। वास्तु शास्त्र साफ कहता है कि देर रात या पूरी तरह अंधेरा होने के बाद दीया जलाना फायदेमंद नहीं होता।
साथ ही, कोशिश करें कि आप हर दिन एक तय समय पर ही दीपक जलाएं। इससे घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।
दीपक रखने की सबसे शुभ जगह
दीपक का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उसे सही दिशा और स्थान पर रखा जाए। घर का मंदिर या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) दीपक जलाने के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।
अगर आपके घर में मंदिर की व्यवस्था नहीं है, तो आप घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) के पास भी दीपक जला सकते हैं। मुख्य दरवाजे पर जलता हुआ दीया बाहर की नकारात्मक ऊर्जा को घर के अंदर आने से रोकता है।
घी या तेल: किसका इस्तेमाल करें?
दीया जलाते समय सामग्री का भी विशेष महत्व है। वास्तु के मुताबिक, घी का दीपक जलाना सबसे ज्यादा शुभ होता है। यह न सिर्फ वातावरण को पवित्र करता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
अगर किसी कारणवश घी उपलब्ध नहीं है, तो सरसों के तेल का उपयोग किया जा सकता है। यह भी स्वीकार्य है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
दीया जलाते समय मन और शरीर की पवित्रता जरूरी है। अपने हाथों को साफ करके और दिमाग को शांत रखकर ही दीये को हाथ लगाएं। एक बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है दीये को फूंक मारकर बुझाना।
वास्तु में इसे बिल्कुल गलत माना गया है। अगर दीया बुझाना पड़े, तो फूंकने के बजाय हाथों का इस्तेमाल करना सही तरीका बताया गया है।
गलत तरीके से दीया जलाने के नुकसान
नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप गलत दिशा या गलत समय पर दीपक जलाते हैं, तो इससे घर में तनाव बढ़ सकता है। इतना ही नहीं, यह पैसों के नुकसान और मानसिक अशांति का कारण भी बन सकता है।
यदि दीया जलाते समय मन में बुरे विचार हों या घर में गंदगी हो, तो पॉजिटिव की जगह नेगेटिव एनर्जी घर में जगह बना लेती है। इसलिए हमेशा सही दिशा, समय और साफ-सफाई का ध्यान रखना अनिवार्य है।



















