Mandir Me Gupt Daan : सनातन धर्म में दान को पुण्य और गुप्तदान को महादान का दर्जा मिला है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार मंदिरों में अन्न और वस्त्र दान करते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में कुछ खास चीजों के गुप्तदान का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि मंदिर में कुछ विशेष वस्तुओं को चुपचाप दान करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
यहां उन तीन चीजों के बारे में बताया गया है, जिनका गुप्तदान वास्तु के अनुसार बेहद शुभ माना जाता है।
माचिस का दान: नए रास्ते खोलने के लिए
वास्तु शास्त्र में माचिस के दान का अपना अलग महत्व है। यदि आप जीवन में किसी नए रास्ते की तलाश में हैं या कठिन परिस्थितियों से घिरे हैं, तो यह दान आपके लिए लाभकारी हो सकता है। विशेष रूप से हनुमान मंदिर में माचिस का गुप्तदान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी नजर का प्रभाव खत्म होता है और कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। आप यह दान मंगलवार या शनिवार के दिन कर सकते हैं। इससे जीवन की बाधाएं कम होती हैं।
झाड़ू का दान: आर्थिक समृद्धि के लिए
मंदिर में साफ-सफाई के लिए उपयोग होने वाली झाड़ू का गुप्तदान करना सुख, शांति और सौभाग्य का कारक माना जाता है। चूंकि झाड़ू का इस्तेमाल ईश्वर के दरबार को साफ करने में होता है, इसलिए इसका दान करने वाले पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से भी है। यदि आप शुक्रवार की शाम को मंदिर में चुपचाप झाड़ू का दान करते हैं, तो इससे आर्थिक संकट दूर होते हैं और धन की देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
लोटे का दान: कलह और तनाव से मुक्ति
तीसरी महत्वपूर्ण वस्तु धातु का लोटा है। वास्तु के मुताबिक, शिव मंदिर में लोटे का गुप्तदान करना जीवन में निर्मलता और समृद्धि लाता है। यह दान भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का माध्यम माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि गुप्त रूप से लोटा दान करने से पारिवारिक कलह, तनाव और आर्थिक बाधाएं कम होने लगती हैं। भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसे सुख-समृद्धि का वरदान मिलता है।



















