Gangajal Vastu Tips : सनातन परंपरा में गंगाजल को अमृत तुल्य दर्जा प्राप्त है। इसकी पवित्रता का प्रमाण यही है कि लोग इसे हाथ में लेकर वचन लेते हैं और जीवन के अंतिम समय में मुख में इसकी बूंद डालने से स्वर्ग प्राप्ति की मान्यता है।
शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल का स्पर्श मात्र ही कष्टों से मुक्ति दिलाता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
घर की कलह और निगेटिव एनर्जी
घर में गंगाजल रखने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। हालांकि, इसे हमेशा मंदिर या पूजा स्थान पर ही रखना चाहिए।
यदि घर में अक्सर क्लेश या झगड़े की स्थिति बनी रहती है, तो रोजाना सुबह स्नान और पूजन के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
इससे शांति मिलती है। अगर किसी बच्चे को बुरी नजर लगी हो, तो उस पर भी गंगाजल छिड़कने से राहत मिलती है।
बीमारी और डरावने सपनों का समाधान
वास्तु के अनुसार, यदि घर में बीमारियों का डेरा बन गया हो, तो उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर रख दें।
वहीं, जिन लोगों को रात में डरावने सपने आते हैं, उन्हें सोने से पहले अपने बिस्तर पर थोड़ा सा गंगाजल छिड़क लेना चाहिए।
बच्चों की पढ़ाई और मानसिक शांति
अगर बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता, तो बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और बच्चे के स्टडी रूम में गंगाजल छिड़कें। घर के जिन सदस्यों को अधिक गुस्सा आता है, उनके ऊपर गंगाजल छिड़कने से मन को शांति मिलती है।
सेहत और धार्मिक लाभ
सोमवार को भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने और शनिवार को पीपल की जड़ में इसे अर्पित करने का विधान है।
मान्यता है कि गंगाजल के नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है, बुद्धि तेज होती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।



















