Tulsi Manjari Vastu Tips : तुलसी के पौधे पर आई मंजरी को लेकर अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंजरी तुलसी माता का श्रृंगार है, लेकिन इसे ज्यादा दिनों तक पौधे पर छोड़ना ठीक नहीं माना जाता।
ऐसा करने से पौधा कमजोर होने लगता है और उसकी ऊर्जा प्रभावित होती है। जिस तरह शरीर पर अतिरिक्त बोझ परेशानी का सबब बनता है, वैसे ही तुलसी पर मंजरी का ज्यादा भार ‘भारीपन’ पैदा करता है।
इसलिए, समय-समय पर मंजरी को तोड़ना शुभ और पौधे की सेहत के लिए अनिवार्य बताया गया है।
तोड़ी हुई मंजरी को फेंकना अशुभ
मंजरी तोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल इसके निस्तारण का होता है। इसे कूड़े में या इधर-उधर फेंकना घोर अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे घर की ऊर्जा पर बुरा असर पड़ता है।
ज्योतिष में मंजरी के सदुपयोग के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जो धन और शांति के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
धन स्थान पर रखने से बढ़ती है बरकत
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, तुलसी की मंजरी में लक्ष्मी जी का वास होता है। तोड़ी गई मंजरी को लाल कपड़े या चुनरी में लपेटकर तिजोरी या धन रखने वाली जगह पर रखना चाहिए।
ऐसा करने से कारोबार में स्थिरता आती है और अनचाहे खर्चों पर लगाम लगती है। इस उपाय को प्रभावी बनाए रखने के लिए हर शुक्रवार को पुरानी मंजरी को नई मंजरी से बदला जा सकता है।
भगवान विष्णु की पूजा में उपयोग
तुलसी भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। मंजरी को साफ पानी से धोकर विष्णु जी, भगवान कृष्ण या नारायण के चरणों में अर्पित करना चाहिए।
यह उपाय घर में शांति लाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। जिन घरों में आर्थिक रुकावटें या मन में बेचैनी रहती है, वहां यह उपाय विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
स्नान और विसर्जन का नियम
दैनिक पूजा के बाद बची मंजरी को फेंकने के बजाय एक साफ डिब्बे में जमा करें। स्नान करते समय पानी में इसके कुछ दाने मिलाने से शरीर और घर की ‘पॉजिटिव एनर्जी’ बढ़ती है।
यदि आप इसका कोई उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो इसे सम्मानपूर्वक गंगा, यमुना जैसी किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें। यदि यह संभव न हो, तो घर में रखे गंगाजल के कलश में भी इसे विसर्जित किया जा सकता है।
रिश्तों में मिठास के लिए
दांपत्य जीवन में चल रहे तनाव को दूर करने के लिए पति-पत्नी को साथ मिलकर तुलसी की मंजरी भगवान विष्णु को अर्पित करनी चाहिए।
इसके अलावा, मंजरी के बीजों को हल्का पीसकर तिलक लगाने से भी परिवार में सौहार्द और प्रेम का वातावरण बनता है।



















