Tulsi Vastu Tips : भारतीय घरों में तुलसी का पौधा सिर्फ एक वनस्पति नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है। माना जाता है कि जिस घर में तुलसी हरी-भरी रहती है, वहां मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बरसती है।
लोग रोज सुबह इसमें जल अर्पित करते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र कुछ विशेष दिनों में ऐसा करने से मना करता है। जानकारी के अभाव में की गई ये गलतियां घर में नेगेटिव एनर्जी का कारण बन सकती हैं।
इन दिनों में जल चढ़ाना माना जाता है अशुभ
वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, हर दिन तुलसी की पूजा शुभ है, लेकिन कुछ दिनों का अपवाद भी है। रविवार के दिन तुलसी के पौधे में न तो जल चढ़ाना चाहिए और न ही इसकी पत्तियां तोड़नी चाहिए।
यही नियम एकादशी तिथियों, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान भी लागू होता है। मान्यता है कि इन दिनों में जल अर्पित करना वास्तु दोष पैदा करता है, जिससे परिवार को धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर-पूर्व दिशा ही है सबसे उत्तम
पौधा लगाने की दिशा का चयन करना बेहद अहम है। वास्तु के अनुसार, तुलसी को हमेशा घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में ही लगाना चाहिए।
स्रोत में दी गई जानकारी के मुताबिक, इसे पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए। गलत दिशा में तुलसी होने से गृहस्वामी को आर्थिक तंगी और परेशानियों से जूझना पड़ सकता है।
ज्यादा पानी और मौसम से बचाव जरूरी
आस्था के चलते कई बार लोग पौधे में आवश्यकता से अधिक जल डाल देते हैं। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि अधिक जल से जड़ें गल जाती हैं और पौधा सूखने लगता है, जो शुभ नहीं है।
इसके अलावा, मौसम की मार भी पौधे को नुकसान पहुंचाती है। बहुत ज्यादा ठंड या भीषण गर्मी के दौरान पौधे को कपड़े से ढककर या सुरक्षित स्थान पर रखकर उसे नष्ट होने से बचाना चाहिए।



















