Vastu Tips : हिंदू धर्म और मान्यताओं में कबूतर को शांति और एकता का प्रतीक माना गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र इसे ग्रहों की शांति से जोड़कर देखता है।
जानकारों के मुताबिक, अगर सही नियम और निष्ठा के साथ कबूतरों को दाना खिलाया जाए, तो यह शनि और राहु जैसे कड़े ग्रहों के दोष को कम करने में मदद करता है।
इससे परिवार में चल रही आर्थिक तंगी और कलह दूर होती है।
सूर्योदय के बाद का समय सबसे खास
वास्तु के नियमों के मुताबिक, पक्षियों को दाना खिलाने के लिए सुबह का समय सबसे बेहतर होता है। सूर्योदय के ठीक बाद का वक्त सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।
अगर आप शनि दोष से जूझ रहे हैं, तो शनिवार के दिन कबूतरों को दाना खिलाना विशेष लाभकारी माना गया है। यह जीवन में स्थिरता लाने का एक सरल उपाय है।
ईशान कोण में ही डालें दाना
दाना खिलाते समय दिशा का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना कि दाने का चुनाव। घर के आंगन में उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को दैवीय ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।
वास्तु के अनुसार, इसी दिशा में दाना डालने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का प्रवाह बढ़ता है। कोशिश करें कि जगह खुली और हवादार हो।
जौ, गेहूं और बाजरा है सबसे उत्तम
कबूतरों की सेहत और वास्तु लाभ दोनों के लिए प्राकृतिक अनाज ही चुनें। जौ, गेहूं या बाजरा खिलाना सबसे शुभ माना जाता है।
ये अनाज पौष्टिक होते हैं और सकारात्मकता लाते हैं। ध्यान रखें कि भूलकर भी बासी या खराब हो चुका अनाज पक्षियों को न दें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित हो सकती है।
इन गलतियों से बचना है जरूरी
अक्सर लोग अनजाने में गलत जगह दाना डाल देते हैं। वास्तु नियमों में स्पष्ट कहा गया है कि दाना हमेशा साफ जगह पर ही डालें, गंदे या बंद स्थान पर नहीं।
स्रोत में दी गई जानकारी के अनुसार, एक बड़ी सावधानी यह रखनी चाहिए कि गलती से भी घर की छत पर दाना न डालें। दाना डालते समय मन में अच्छे विचार रखें और ‘ॐ शांति’ या किसी मंत्र का जाप करें।
सही तरीके से किया गया यह छोटा सा काम आर्थिक परेशानियों को दूर कर जीवन में खुशहाली ला सकता है।



















