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Vastu Tips : घर की इस दिशा में लगाएं अपराजिता की बेल, वास्तु के अनुसार बदल सकती है किस्मत

वास्तु शास्त्र में घर की सुख-समृद्धि के लिए पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। इसमें विष्णुप्रिया यानी अपराजिता के पौधे को बेहद खास माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, घर में नीले रंग की अपराजिता की बेल लगाने से आर्थिक संपन्नता आती है और जैसे-जैसे यह बेल बढ़ती है, घर में बरकत भी बढ़ती है।

Published on: February 2, 2026 6:45 AM
Vastu Tips
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HIGHLIGHTS

  • विष्णुप्रिया का महत्व: वास्तु के अनुसार घर में सही पौधे लगाने से सुख-समृद्धि का वास होता है।
  • रंग का असर: सफेद और नीले रंग में आने वाले इस पौधे में 'नीली अपराजिता' को धन के लिए शुभ माना गया है।
  • धन बेल: इसे 'धन बेल' भी कहा जाता है, मान्यता है कि इसके बढ़ने के साथ घर की तरक्की जुड़ी होती है।

Vastu Tips : घर की सजावट और वास्तु का गहरा संबंध माना गया है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में चीजों को सही दिशा और उपयुक्त जगह पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इसी कड़ी में कुछ खास पौधों का जिक्र भी मिलता है, जो न केवल हरियाली बढ़ाते हैं बल्कि घर में खुशहाली भी लाते हैं। ऐसा ही एक पौधा है विष्णुप्रिया।

नीले रंग का खास महत्व

विष्णुप्रिया पौधे को सामान्य भाषा में अपराजिता के नाम से भी जाना जाता है। यह मुख्य रूप से दो रंगों—सफेद और नीले में पाया जाता है।

वास्तु शास्त्र में नीले रंग के अपराजिता पौधे को आर्थिक स्थिति के लिए बेहद प्रभावशाली बताया गया है।

ऐसी मान्यता है कि नीले रंग का यह पौधा घर में लगाने से परिवार आर्थिक रूप से संपन्न होता है।

इसे कहते हैं ‘धन बेल’

इस पौधे की एक और खासियत इसका स्वरूप है। यह एक बेल (लता) के रूप में बढ़ता है। वास्तु में इसे ‘धन बेल’ की संज्ञा दी गई है।

इसके पीछे मान्यता यह है कि जिस घर में यह बेल फलती-फूलती है, वहां बरकत बनी रहती है।

जैसे-जैसे यह बेल ऊपर की तरफ बढ़ती है, वैसे-वैसे घर में सुख और समृद्धि का स्तर भी बढ़ता जाता है।

इसलिए वास्तु के जानकारों द्वारा इसे घर में उपयुक्त स्थान पर लगाने की सलाह दी जाती है।

Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है। 📧 Email: editor.dhnn@gmail.com

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