होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Vastu Tips : घर के आंगन में लगाएं ये पौधे, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर की दिशा और सजावट सीधे तौर पर सुख-समृद्धि को प्रभावित करती है। घर में एक आंगन का होना और उत्तर-पूर्व दिशा में जल का स्थान बनाना सकारात्मक ऊर्जा के लिए जरूरी बताया गया है।

Published on: February 3, 2026 6:11 AM
Vastu Tips
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • घर में आंगन होना जरूरी, इसमें अनार, आंवला या मीठी नीम लगाना शुभ।
  • उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में स्विमिंग पूल या पानी का स्थान बनाना फायदेमंद।
  • दक्षिण दिशा को हल्का और खुला रखना चाहिए, यहां भारी सामान न रखें।
  • रसोई घर को आग्नेय कोण (पूर्व दिशा) में बनाने से घर में शांति बनी रहती है।

Vastu Tips : भारतीय परंपरा में घर के निर्माण और सजावट के लिए वास्तु शास्त्र को बेहद अहम माना गया है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, हर दिशा का अपना एक विशेष महत्व है और उसी हिसाब से चीजों को व्यवस्थित करने पर घर में खुशहाली आती है।

सही दिशा ज्ञान न केवल घर को व्यवस्थित रखता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

घर में आंगन और पौधे

वास्तु के नियमों के मुताबिक, एक आदर्श घर में छोटा या बड़ा, लेकिन एक आंगन जरूर होना चाहिए। आंगन को केवल खाली छोड़ने के बजाय वहां हरियाली को जगह दें।

इस जगह पर अनार, मीठी नीम (कढ़ी पत्ता), आंवला या कोई भी फूलदार पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है। यह घर के वातावरण को तरोताजा रखता है।

पानी और उत्तर-पूर्व दिशा का महत्व

घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता है। वास्तु के अनुसार, इस दिशा का संबंध जल से है। यदि आप घर में स्विमिंग पूल या पानी जमा करने का कोई स्थान बनाना चाहते हैं, तो यह दिशा सबसे उपयुक्त है।

ऐसा करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बना रहता है। साथ ही, इस दिशा में सामान रखने से सुख-समृद्धि बढ़ने की बात भी कही गई है।

दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के नियम

अक्सर लोग भारी सामान रखने को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा में कोई भी भारी सामान नहीं रखना चाहिए।

इस दिशा को जितना हो सके, खुला और खाली रखना बेहतर है। हालांकि, दक्षिण दिशा में मुख्य गेट या खिड़की होने से नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिव एनर्जी) के वास का डर रहता है।

इसके विपरीत, दक्षिण-पश्चिम दिशा में दरवाजे या खिड़की का होना बहुत शुभ माना गया है। घर के मुखिया का कमरा भी इसी दिशा (दक्षिण-पश्चिम) की ओर बनाया जा सकता है, जो स्थायित्व प्रदान करता है।

रसोई और घर की शांति

पूर्व दिशा, जिसे आग्नेय कोण से भी जोड़ा जाता है, उसका स्वामी अग्नि है। अगर इस दिशा में वास्तु दोष हो, तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है।

इसलिए, घर की शांति और खुशहाली के लिए रसोई घर (किचन) का निर्माण इसी दिशा में करने की सलाह दी जाती है। इससे परिवार में आपसी तालमेल बना रहता है।

Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है। 📧 Email: editor.dhnn@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading