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Taslima Nasreen CJP Statement : तसलीमा नसरीन ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर दिया बड़ा बयान, बांग्लादेश आंदोलन से कर डाली तुलना

बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से की है। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब CJP ने 5 अगस्त को महाराष्ट्र में अपनी बैठक बुलाई है।

Published On: August 3, 2026 1:32 PM
Taslima Nasreen CJP Statement : तसलीमा नसरीन ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर दिया बड़ा बयान, बांग्लादेश आंदोलन से कर डाली तुलना

HIGHLIGHTS

  • तसलीमा नसरीन ने CJP प्रदर्शन की बांग्लादेश आंदोलन से तुलना की
  • बांग्लादेश के छात्र आंदोलन में जिहादी ताकतों का आरोप लगाया
  • 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP बैठक
  • नीट विरोध के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ

नई दिल्ली, 03 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Taslima Nasreen CJP Statement : बांग्लादेशी लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता तसलीमा नसरीन ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के हालिया प्रदर्शनों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को कोलकाता में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें उन्हें सीधे बांग्लादेश के छात्र आंदोलन की याद दिलाती हैं। नसरीन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हुए उस व्यापक आंदोलन के पीछे असल में जिहादी ताकतें सक्रिय थीं।

तसलीमा नसरीन ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इंटरनेट पर CJP के दिल्ली प्रदर्शन की एक छोटी वीडियो क्लिप देखी थी। उस वीडियो को देखकर उन्हें लगा कि यह पूरा घटनाक्रम ठीक वैसा ही है जैसा बांग्लादेश में हुआ था। उनके मुताबिक बांग्लादेश के छात्र आंदोलन के नाम पर पूरे देश को धोखा दिया गया था और बाद में पर्दे के पीछे जिहादी तत्वों की भूमिका उजागर हुई थी।

इससे पहले 24 जुलाई 2026 को भी तसलीमा नसरीन ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर अपनी राय रखी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा था कि वह दिल्ली और बांग्लादेश के आंदोलनों को पूरी तरह एक समान नहीं ठहरा रही हैं। इसके बावजूद दिल्ली से सामने आ रही तस्वीरों ने उन्हें बांग्लादेश की उन खौफनाक घटनाओं और उसके बाद हुए विनाशकारी परिणामों की याद दिला दी है।

उधर राजनीतिक और छात्र कार्यकर्ताओं के मोर्चे पर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख सदस्य 5 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की भविष्य की कार्ययोजना और जमीनी रणनीति को अंतिम रूप देना है।

सूत्रों के मुताबिक 5 अगस्त की यह महत्वपूर्ण बैठक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के निजी आवास पर आयोजित की जाएगी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में एक महीने तक लगातार चले आंदोलन के समापन के बाद पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को कुछ दिन अपने परिवारों के साथ बिताने की सलाह दी थी।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सभी प्रमुख सदस्यों और पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। उनसे कहा गया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर आम छात्रों, स्वयंसेवकों और युवाओं से सीधे संवाद कायम करें। उनसे मिले सुझावों और विचारों का एक पूरा ड्राफ्ट तैयार करके ही संभाजीनगर की बैठक में शामिल हों।

संभाजीनगर में 5 अगस्त को होने वाली इस बैठक के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेगी। इस प्रेस वार्ता में पार्टी के अगले चरण के आंदोलनों और राष्ट्रीय स्तर की रणनीति से जुड़े फैसलों की आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक की जाएगी।

बैठक की तैयारियों के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर स्थानीय युवाओं, छात्रों और पड़ोसी जिलों से आए आम लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने स्थानीय बच्चों और छात्रों के साथ फ्रेंडशिप डे भी मनाया और उनके साथ संवाद किया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी के झंडे तले हुए प्रदर्शन को देश भर की जेन-जी (Gen Z) पीढ़ी का अभूतपूर्व समर्थन हासिल हुआ था। छात्रों और युवाओं के इस भारी दबाव के कारण पिछले सप्ताह ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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Rohit Arora

रोहित अरोड़ा 'दून हॉराइज़न' की नेशनल टीम के एक अहम और अनुभवी सदस्य हैं। देश के विभिन्न राज्यों की राजनीतिक हलचल, सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। रोहित का फोकस हमेशा उन जमीनी खबरों पर होता है जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। वे अपनी रिपोर्टिंग में तटस्थता (Objectivity) और प्रामाणिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। भ्रामक सूचनाओं के इस दौर में, रोहित की तथ्यपरक और संतुलित लेखनी पाठकों के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु का काम करती है।

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