Panchmukhi Hanuman Vastu Tips : हिंदू मान्यताओं में घर के भीतर देवी-देवताओं की तस्वीरें केवल सजावट नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती हैं।
विशेषकर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर को लेकर लोगों में अक्सर असमंजस रहता है कि इसे कहां और कैसे स्थापित किया जाए। वास्तु और धार्मिक मत के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर इस तस्वीर को लगाने के विशेष नियम और लाभ हैं।
पंचमुखी स्वरूप का अर्थ और दिशाएं पंचमुखी हनुमान जी का चित्र महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि पांच दिशाओं से सुरक्षा का कवच माना जाता है। इसमें हर मुख का अपना प्रभाव है।
पूर्व दिशा वाला मुख शत्रुओं का नाश करता है, जबकि दक्षिण दिशा वाला मुख भय से मुक्ति दिलाता है। पश्चिम दिशा विष और संकटों से बचाती है, उत्तर दिशा भूमि-धन लाभ देती है और ऊर्ध्व (ऊपर की ओर) मुख विद्या व ज्ञान का प्रतीक है।
यही कारण है कि इसे घर में लगाने से ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है। मुख्य द्वार पर तस्वीर लगाने का सही तरीका वास्तु के मुताबिक, अगर आप घर को बुरी नजर और बाहरी नकारात्मक हवाओं से बचाना चाहते हैं, तो पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाने का सबसे उपयुक्त स्थान मुख्य द्वार है।
इसे दरवाजे के ठीक ऊपर, बाहर की दीवार पर इस तरह लगाएं कि हनुमान जी का चेहरा बाहर की तरफ हो। ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक शक्तियां द्वार पर ही रुक जाती हैं।
यह टोने-टोटके और बुरी नजर से घर की रक्षा करता है और भीतर सकारात्मकता का संचार बढ़ाता है। दिशा और स्थान संबंधी सावधानियां तस्वीर लगाते समय दिशा का ज्ञान होना बेहद जरूरी है।
यदि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है, तो तस्वीर लगाते वक्त यह सुनिश्चित करें कि हनुमान जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो। स्रोत के अनुसार, इस स्थिति में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा, पवित्रता का ध्यान रखना अनिवार्य है। पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर को भूलकर भी बेडरूम या शौचालय की दीवारों पर न लगाएं।
यह अशुभ माना जाता है। जिस स्थान पर तस्वीर हो, वहां गंदगी जमा न होने दें और साफ-सफाई बनाए रखें।



















