Iron Deficiency Symptoms : काफी लोगों की शिकायत रहती है कि वे लगातार आयरन की गोलियां खा रहे हैं और डाइट में पालक-चुकंदर जैसी चीजें ले रहे हैं, फिर भी उनकी रिपोर्ट्स में आयरन लेवल कम ही आता है।
अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं, तो समझ लीजिये कि समस्या आयरन की नहीं, बल्कि ‘लो फेरेटिन’ की है। इसका सीधा कनेक्शन आपके लिवर की सेहत से है। जब तक लिवर ठीक नहीं होगा, आप कितनी भी आयरन की गोलियां खा लें, शरीर उसे स्वीकार नहीं करेगा।
लिवर की भूमिका और लो फेरेटिन
लिवर शरीर का वह हिस्सा है जो पोषक तत्वों को प्रोसेस करता है। अगर किसी व्यक्ति का लिवर फैटी है या वह ठीक से काम नहीं कर रहा, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर पड़ जाता है।
ऐसी स्थिति में हम जो भी आयरन रिच फूड खाते हैं, लिवर उसे शरीर में एब्जॉर्ब (सोखना) नहीं होने देता। इसी तरह, लिवर में कोई पुराना इन्फेक्शन या क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन) होने पर भी आयरन का स्तर लगातार गिरता रहता है।
गलत आदतें जो आयरन कम करती हैं
सिर्फ बीमारी ही नहीं, हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें भी आयरन लेवल को बढ़ने नहीं देतीं। पेट में एसिडिटी होने पर लोग तुरंत मेडिकल स्टोर से एंटासिड की गोली ले लेते हैं।
ज्यादा मात्रा में एंटासिड का सेवन शरीर में फेरेटिन लेवल को गिरा देता है। इसके अलावा, अल्सर, बवासीर या महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली ज्यादा ब्लीडिंग से भी खून का नुकसान होता है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है।
खान-पान में सुधार से बनेगा बात
अगर शरीर आयरन को तेजी से नहीं सोख पा रहा है, तो सबसे पहले अपने पाचन को मजबूत करना होगा। इसके लिए कच्ची चीजें खाने से बचें क्योंकि इन्हें पचाना मुश्किल होता है और ये डाइजेशन को धीमा करती हैं।
हमेशा अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही करें और खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं। एक बहुत बड़ी गलती जो अधिकतर लोग करते हैं, वह है खाने के साथ चाय या कॉफी पीना।
यह आदत भोजन से मिलने वाले आयरन को खत्म कर देती है। साथ ही, दूध या दही के साथ आयरन वाले फूड्स कभी नहीं खाने चाहिए। डेयरी प्रोडक्ट्स को खाने के तुरंत पहले या बाद में लेने से बचें।
पाचन को सुधरने के लिए रोजाना अदरक वाला गुनगुना पानी पीना फायदेमंद साबित होता है। अपनी लाइफस्टाइल से शुगर, अल्कोहल और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स को पूरी तरह बाहर कर दें।
साथ ही ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज या भारी फिजिकल वर्क भी इस स्थिति में नुकसानदेह हो सकता है।















