होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Iron Deficiency Symptoms : आयरन लेवल बार-बार क्यों गिरता है, जानिए इसके छुपे कारण और बढ़ाने के उपाय

Iron Deficiency Symptoms : अक्सर आयरन की गोलियां और डाइट बदलने के बाद भी अगर शरीर में खून की कमी बनी रहती है, तो यह 'लो फेरेटिन' (Low Ferritin) की समस्या हो सकती है। इसका असली कारण आपकी डाइट नहीं, बल्कि लिवर की कार्यक्षमता में कमी है। लिवर सही से काम न करे तो शरीर आयरन को सोख नहीं पाता।

Published on: January 18, 2026 7:23 AM
Iron Deficiency Symptoms
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • लो फेरेटिन: आयरन सप्लीमेंट्स के बावजूद अगर हीमोग्लोबिन न बढ़े, तो लिवर की जांच जरूरी है।
  • अवशोषण में बाधा: फैटी लिवर या ख़राब मेटाबॉलिज्म के कारण शरीर आयरन को एब्जॉर्ब (Absorb) नहीं कर पाता।
  • बचाव के उपाय: खाने के साथ चाय-कॉफी और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन आयरन के अवशोषण को रोकता है।
  • घरेलू नुस्खे: अदरक वाला गुनगुना पानी और पका हुआ भोजन पाचन और आयरन लेवल सुधारने में मदद करते हैं।

Iron Deficiency Symptoms : काफी लोगों की शिकायत रहती है कि वे लगातार आयरन की गोलियां खा रहे हैं और डाइट में पालक-चुकंदर जैसी चीजें ले रहे हैं, फिर भी उनकी रिपोर्ट्स में आयरन लेवल कम ही आता है।

अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं, तो समझ लीजिये कि समस्या आयरन की नहीं, बल्कि ‘लो फेरेटिन’ की है। इसका सीधा कनेक्शन आपके लिवर की सेहत से है। जब तक लिवर ठीक नहीं होगा, आप कितनी भी आयरन की गोलियां खा लें, शरीर उसे स्वीकार नहीं करेगा।

लिवर की भूमिका और लो फेरेटिन

लिवर शरीर का वह हिस्सा है जो पोषक तत्वों को प्रोसेस करता है। अगर किसी व्यक्ति का लिवर फैटी है या वह ठीक से काम नहीं कर रहा, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर पड़ जाता है।

ऐसी स्थिति में हम जो भी आयरन रिच फूड खाते हैं, लिवर उसे शरीर में एब्जॉर्ब (सोखना) नहीं होने देता। इसी तरह, लिवर में कोई पुराना इन्फेक्शन या क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन) होने पर भी आयरन का स्तर लगातार गिरता रहता है।

गलत आदतें जो आयरन कम करती हैं

सिर्फ बीमारी ही नहीं, हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें भी आयरन लेवल को बढ़ने नहीं देतीं। पेट में एसिडिटी होने पर लोग तुरंत मेडिकल स्टोर से एंटासिड की गोली ले लेते हैं।

ज्यादा मात्रा में एंटासिड का सेवन शरीर में फेरेटिन लेवल को गिरा देता है। इसके अलावा, अल्सर, बवासीर या महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली ज्यादा ब्लीडिंग से भी खून का नुकसान होता है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है।

खान-पान में सुधार से बनेगा बात

अगर शरीर आयरन को तेजी से नहीं सोख पा रहा है, तो सबसे पहले अपने पाचन को मजबूत करना होगा। इसके लिए कच्ची चीजें खाने से बचें क्योंकि इन्हें पचाना मुश्किल होता है और ये डाइजेशन को धीमा करती हैं।

हमेशा अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही करें और खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं। एक बहुत बड़ी गलती जो अधिकतर लोग करते हैं, वह है खाने के साथ चाय या कॉफी पीना।

यह आदत भोजन से मिलने वाले आयरन को खत्म कर देती है। साथ ही, दूध या दही के साथ आयरन वाले फूड्स कभी नहीं खाने चाहिए। डेयरी प्रोडक्ट्स को खाने के तुरंत पहले या बाद में लेने से बचें।

पाचन को सुधरने के लिए रोजाना अदरक वाला गुनगुना पानी पीना फायदेमंद साबित होता है। अपनी लाइफस्टाइल से शुगर, अल्कोहल और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स को पूरी तरह बाहर कर दें।

साथ ही ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज या भारी फिजिकल वर्क भी इस स्थिति में नुकसानदेह हो सकता है।

Sanitary Pads Ke Nuksan : क्या रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले सेनेटरी पैड्स हार्मोन डिसऑर्डर बढ़ा सकते हैं, जानिए पूरी सच्चाई

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading