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Weight Gain After Breastfeeding : क्या आपने भी ब्रेस्टफीडिंग छोड़ी और वजन बढ़ गया, जानिए इसके पीछे की असली वजह

Weight Gain After Breastfeeding : बच्चे को स्तनपान बंद करवाने के बाद महिलाओं का वजन अचानक बढ़ने लगता है, जिसका मुख्य कारण कैलोरी की खपत में कमी और प्रोलैक्टिन हार्मोन का गिरता स्तर है। इसके अलावा, डिलीवरी के बाद अनियमित पीरियड्स और पीरियड्स से पहले होने वाले मुहांसे (Period Acne) भी हार्मोनल बदलावों का नतीजा हैं। इसे लेकर घबराने के बजाय सही डाइट और डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

Published on: January 18, 2026 7:04 AM
Weight Gain After Breastfeeding
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HIGHLIGHTS

  • ब्रेस्टफीडिंग से रोज 300 से 500 कैलोरी बर्न होती है, इसे रोकने पर वजन बढ़ सकता है।
  • स्तनपान के दौरान ओव्यूलेशन रुकने से पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य है।
  • पीरियड्स से पहले होने वाले मुहांसे एस्ट्रोजन की कमी और टेस्टोस्टेरॉन बढ़ने के कारण होते हैं।
  • क्रोनिक पीरियड एक्ने पीसीओडी (PCOD) का संकेत हो सकते हैं, जिसके लिए जांच जरूरी है।

Weight Gain After Breastfeeding : बच्चे को स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) करवाना बंद करने के बाद कई महिलाओं का वजन अचानक बढ़ने लगता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है।

दरअसल, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर रोजाना लगभग 300 से 500 कैलोरी बर्न करता है। जब महिलाएं स्तनपान बंद करती हैं, तो कैलोरी बर्न होने की यह प्रक्रिया रुक जाती है, लेकिन उनकी खुराक (डाइट) अक्सर पहले जैसी ही रहती है। अतिरिक्त कैलोरी का यही जमाव वजन बढ़ने का मुख्य कारण बनता है।

हार्मोनल बदलाव और वजन का कनेक्शन

स्तनपान के दौरान महिलाओं के शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्राव होता है, जो फैट को पचाने में मदद करता है। जैसे ही स्तनपान बंद होता है, शरीर में इस हार्मोन का स्तर गिरने लगता है और फैट पचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

इसे नियंत्रित करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करना जरूरी है। ज्यादा कैलोरी वाले भोजन को कम करें और डॉक्टर की सलाह पर हल्का व्यायाम शुरू करें। खानपान संतुलित होने पर बढ़ा हुआ वजन दोबारा कम हो सकता है।

डिलीवरी के बाद अनियमित पीरियड्स: कब लें डॉक्टर की सलाह?

प्रसव के बाद अगर पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं, तो यह चिंता का विषय नहीं है। स्तनपान करवाने के दौरान ओव्यूलेशन की प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे मासिक धर्म चक्र गड़बड़ा जाता है।

हालांकि, पूरी तरह निश्चिंत होने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर रहता है। कई बार इस दौरान एक्सीडेंटल प्रेग्नेंसी (अनचाहा गर्भधारण) की संभावना रहती है, इसलिए संशय दूर करना आवश्यक है। यदि डॉक्टर को हार्मोनल जांच की जरूरत नहीं लगती, तो इसे सामान्य माना जाना चाहिए।

पीरियड एक्ने: क्यों निकलते हैं मुहांसे?

पीरियड्स शुरू होने से ठीक पहले चेहरे पर मुहांसे आना ‘पीरियड एक्ने’ कहलाता है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी और टेस्टोस्टेरॉन के बढ़ने से रोमछिद्रों में सीबम (तेल) का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे मुहांसे होते हैं। ये दो तरह के होते हैं- एक्यूट और क्रोनिक।

क्रोनिक एक्ने और पीसीओडी का खतरा अगर हर बार पीरियड्स के दौरान मुहांसे निकल रहे हैं, तो यह क्रोनिक एक्ने हो सकता है। यह पीसीओडी (PCOD) या गंभीर हार्मोनल असंतुलन का संकेत है।

ऐसी स्थिति में गायनेकोलॉजिस्ट से मिलें और हार्मोन बैलेंस करने के लिए इलाज लें। सामान्य दर्द और सूजन के लिए बर्फ की सिंकाई करें, चेहरा साफ रखें और तैलीय भोजन से परहेज करें।

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Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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