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Uttarakhand : धामी सरकार का फैसला, वन कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के हिसाब से मिलेगी सैलरी

उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग के करीब 700 दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने की तैयारी कर ली है। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली उप समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसे अब अंतिम फैसले के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।

Published on: January 18, 2026 3:33 PM
Uttarakhand : धामी सरकार का फैसला, वन कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के हिसाब से मिलेगी सैलरी
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HIGHLIGHTS

  • वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ।
  • मंत्रिमंडलीय उप समिति ने 18,000 रुपये न्यूनतम वेतन पर लगाई मुहर।
  • करीब 700 कर्मचारियों को कैबिनेट की मंजूरी के बाद मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन।
  • कर्मचारी संघ ने न्यूनतम वेतन के साथ एरियर और महंगाई भत्ते की भी मांग उठाई।

देहरादून : उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों के बाद अब वन विभाग के दैनिक श्रमिकों (Uttarakhand Forest Daily Wager Salary Increase) के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार जंगलों में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार भुगतान करने की तैयारी में है।

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इस बाबत गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की सिफारिश कर दी है।

जोखिम भरे काम का मिलेगा सही दाम

वन विभाग के ये कर्मचारी बेहद कठिन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। जंगल में गश्त करना हो, आग बुझाना हो या फिर वन्यजीवों के हमले का खतरा, ये श्रमिक हर वक्त मोर्चे पर डटे रहते हैं।

इन जोखिम भरे कार्यों को देखते हुए ही सरकार ने इनके वेतन ढांचे को सुधारने का निर्णय लिया। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में बनी उप समिति ने माना कि इन श्रमिकों का वेतन सातवें वेतन आयोग के मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

कैबिनेट की मुहर लगते ही शुरू होगा लाभ

समिति की बैठक में न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन पर सहमति बन गई है। अब यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास भेजा जाएगा। सीएम की स्वीकृति के बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में लाया जाएगा।

जैसे ही कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देगी, वन विभाग के करीब 700 दैनिक श्रमिकों के खाते में बढ़ा हुआ वेतन आना शुरू हो जाएगा। इसे साल 2026 की शुरुआत में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

एरियर और डीए की मांग भी बरकरार

सरकार के इस फैसले से जहां राहत की उम्मीद है, वहीं कर्मचारियों ने कुछ और मांगें भी सामने रखी हैं। इससे पहले साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर करीब 300 श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश हुआ था, लेकिन कई लोग इससे वंचित रह गए थे। अब बाकी बचे श्रमिकों को दायरे में लाने की कवायद चल रही है।

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दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा ने सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता भी जुड़ना चाहिए। संघ ने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एरियर का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को पूरा आर्थिक लाभ मिल सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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