देहरादून/हरिद्वार: (Non-Hindu Entry Ban) धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र स्थल हर की पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक संबंधी पोस्टर लगने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में उबाल आ गया है. गंगा सभा द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों पर अब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं.
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कांग्रेस ने उठाए सवाल: रोजगार कहां है?
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में सत्ताधारी पार्टी की सोच बिल्कुल भी स्पष्ट नहीं है. गोदियाल ने जोर देकर कहा कि जनता ने भाजपा को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और रोजगार सृजन के लिए चुना था, न कि ऐसे विवादों के लिए.
गोदियाल ने सलाह दी कि सरकार को अपना ध्यान विकास कार्यों पर केंद्रित करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब धार्मिक मामलों में भाजपा का अनावश्यक हस्तक्षेप पसंद नहीं कर रही है. अगर सरकार विकास की बात करेगी, तो उनके नेता खुद-ब-खुद ऐसी बयानबाजी से परहेज करने लगेंगे.
भाजपा का पलटवार: मक्का-मदीना की दी दलील
दूसरी तरफ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के विरोध को तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है. पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी केस में मुंह की खाने के बाद अब कांग्रेस विरोध के लिए नए बहाने तलाश रही है. उन्होंने तर्क दिया कि जब मक्का-मदीना जैसे धर्मस्थलों में गैर- मुस्लिमों का जाना वर्जित है, तो यहां भी सनातन भावनाओं का सम्मान होना चाहिए.
महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि यह नियम आज का नहीं है, बल्कि वहां पहले से स्थापित है. इसलिए सभी को स्थानीय पुरोहित समाज और धर्माचार्यों की परंपराओं का पालन करना चाहिए.
क्या लिखा है पोस्टरों में?
हर की पैड़ी क्षेत्र की व्यवस्था देखने वाली संस्था ‘गंगा सभा’ ने ये पोस्टर लगाए हैं. पोस्टर में साफ शब्दों में लिखा गया है कि ‘इस इलाके में अहिंदुओं का प्रवेश निषेध है’. इसमें कानूनी आधार बताते हुए लिखा गया है कि यह क्षेत्र ‘1916 के म्युनिसिपल एक्ट’ के अंतर्गत आता है, जिसके तहत यहां गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित माना गया है.
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