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Uttarakhand: सोमवार से 7 टोल प्लाजा पर बदल गए नियम, फास्टैग स्कैन होते ही कटेगा चालान

उत्तराखंड में सोमवार से वाहन चालकों के लिए नियम सख्त हो रहे हैं। अब राज्य के सात प्रमुख टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैन होते ही गाड़ी के दस्तावेजों की ऑटोमैटिक जांच होगी। अगर परमिट, फिटनेस या बीमा में कमी मिली, तो ई-डिटेक्शन सिस्टम तुरंत चालान काटकर आपके मोबाइल पर भेज देगा।

Published on: January 18, 2026 2:58 PM
Uttarakhand: सोमवार से 7 टोल प्लाजा पर बदल गए नियम, फास्टैग स्कैन होते ही कटेगा चालान
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HIGHLIGHTS

  • राज्य के 7 टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू, फास्टैग से होगी निगरानी।
  • पहले चरण में केवल परमिट, बीमा और फिटनेस फेल होने पर कटेगा चालान।
  • नियम तोड़ने पर वाहन मालिक के मोबाइल पर तुरंत आएगा एसएमएस और पेमेंट लिंक।
  • ओडिशा और गुजरात के बाद उत्तराखंड इस हाई-टेक सिस्टम को अपनाने वाला पांचवां राज्य।

देहरादून : उत्तराखंड में सोमवार से सड़क पर गाड़ी दौड़ाने के नियम बदल रहे हैं। अगर आपके वाहन के दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो टोल प्लाजा पार करते ही आपका चालान कटना तय है।

परिवहन विभाग राज्य के सात टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली (E-Detection System) शुरू कर रहा है, जो पुलिस की गैर-मौजूदगी में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ लेगा।

कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम

अब टोल नाकों पर मैनुअल चेकिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-डिटेक्शन सिस्टम टोल प्लाजा के कैमरों से जुड़ा है। जैसे ही आपकी गाड़ी का फास्टैग स्कैन होगा, सिस्टम वाहन नंबर को ट्रैक कर लेगा।

इसे सड़क परिवहन मंत्रालय के राष्ट्रीय डेटाबेस ‘वाहन’ पोर्टल से जोड़ा गया है। एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित यह स्वचालित प्रणाली सेकंडों में जांचेगी कि गाड़ी के कागज वैध हैं या नहीं।

पहले चरण में इन तीन गलतियों पर होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में सिर्फ तीन मुख्य दस्तावेजों पर फोकस रहेगा। अगर गाड़ी का परमिट, बीमा (Insurance) और फिटनेस प्रमाण पत्र मान्य नहीं है, तो चालान कटेगा। इसके साथ ही, 15 साल से पुरानी उन गाड़ियों को भी सिस्टम पकड़ लेगा जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है और रिन्यू नहीं कराया गया है। भविष्य में प्रदूषण और रोड टैक्स जैसे अन्य दस्तावेजों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

चालान कटते ही मोबाइल पर आएगा मैसेज

नियम टूटते ही वाहन मालिक को पता चल जाएगा। चालान जनरेट होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा। इस मैसेज में चालान की राशि, उल्लंघन का कारण और ऑनलाइन भुगतान के लिए एक डिजिटल लिंक दिया जाएगा, जिससे तुरंत जुर्माना भरा जा सके।

इन 7 टोल प्लाजा पर शुरू हुई निगरानी

यह व्यवस्था हरिद्वार जिले के बहादराबाद और भगवानपुर, देहरादून के लच्छीवाला और ऊधमसिंहनगर जिले के जगतापुर पट्टी, बनुषी, नगला और देवरिया टोल प्लाजा पर लागू की गई है।

परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद उत्तराखंड इस आधुनिक प्रणाली को लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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