देहरादून : उत्तराखंड में सोमवार से सड़क पर गाड़ी दौड़ाने के नियम बदल रहे हैं। अगर आपके वाहन के दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो टोल प्लाजा पार करते ही आपका चालान कटना तय है।
परिवहन विभाग राज्य के सात टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली (E-Detection System) शुरू कर रहा है, जो पुलिस की गैर-मौजूदगी में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ लेगा।
कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम
अब टोल नाकों पर मैनुअल चेकिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-डिटेक्शन सिस्टम टोल प्लाजा के कैमरों से जुड़ा है। जैसे ही आपकी गाड़ी का फास्टैग स्कैन होगा, सिस्टम वाहन नंबर को ट्रैक कर लेगा।
इसे सड़क परिवहन मंत्रालय के राष्ट्रीय डेटाबेस ‘वाहन’ पोर्टल से जोड़ा गया है। एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित यह स्वचालित प्रणाली सेकंडों में जांचेगी कि गाड़ी के कागज वैध हैं या नहीं।
पहले चरण में इन तीन गलतियों पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में सिर्फ तीन मुख्य दस्तावेजों पर फोकस रहेगा। अगर गाड़ी का परमिट, बीमा (Insurance) और फिटनेस प्रमाण पत्र मान्य नहीं है, तो चालान कटेगा। इसके साथ ही, 15 साल से पुरानी उन गाड़ियों को भी सिस्टम पकड़ लेगा जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है और रिन्यू नहीं कराया गया है। भविष्य में प्रदूषण और रोड टैक्स जैसे अन्य दस्तावेजों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
चालान कटते ही मोबाइल पर आएगा मैसेज
नियम टूटते ही वाहन मालिक को पता चल जाएगा। चालान जनरेट होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा। इस मैसेज में चालान की राशि, उल्लंघन का कारण और ऑनलाइन भुगतान के लिए एक डिजिटल लिंक दिया जाएगा, जिससे तुरंत जुर्माना भरा जा सके।
इन 7 टोल प्लाजा पर शुरू हुई निगरानी
यह व्यवस्था हरिद्वार जिले के बहादराबाद और भगवानपुर, देहरादून के लच्छीवाला और ऊधमसिंहनगर जिले के जगतापुर पट्टी, बनुषी, नगला और देवरिया टोल प्लाजा पर लागू की गई है।
परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद उत्तराखंड इस आधुनिक प्रणाली को लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।



















