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DA Hike : 60% से सीधे 65% पहुंच सकता है डीए, न्यूनतम बेसिक सैलरी पर हर महीने बढ़ेंगे 900 रुपये

अगस्त 2026 के AICPI-IW आंकड़ों में उछाल के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 65% तक पहुंचने के आसार हैं। जानिए पे-लेवल के हिसाब से कितनी बढ़ेगी आपकी इन-हैंड सैलरी।

Published On: October 1, 2026 3:41 PM
DA Hike

HIGHLIGHTS

  • अगस्त में इंडस्ट्रियल वर्कर्स महंगाई इंडेक्स 1.2 अंक चढ़कर 154.4 पर पहुंचा।
  • 12 महीने का औसत इंडेक्स 149.82 होने से डीए अनुमान 65.05 फीसदी निकला।
  • वर्तमान में 60 फीसदी मिल रहा डीए, वित्त मंत्रालय जल्द कर सकता है घोषणा।
  • बेसिक पे लेवल-1 पर न्यूनतम 900 रुपये और लेवल-10 पर 2,805 रुपये तक मासिक फायदा।

दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (1 अक्टूबर 2026) : त्योहारी सीजन की आहट के बीच केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की झोली में बड़ी वित्तीय राहत आने के साफ संकेत मिलने लगे हैं।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कार्यरत लेबर ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी ताजा खुदरा महंगाई के आंकड़ों ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) मौजूदा 60 फीसदी से बढ़कर सीधे 65 फीसदी के पार जा सकता है। यह गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के अगस्त 2026 के आंकड़ों पर आधारित है।

154.4 अंक पर पहुंचा इंडेक्स, 4.96% हुई खुदरा महंगाई दर

लेबर ब्यूरो के मुताबिक अगस्त 2026 का औद्योगिक श्रमिकों से जुड़ा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जुलाई के 153.2 अंक से 1.2 अंक सुधरकर 154.4 अंक दर्ज किया गया। खुदरा महंगाई की सालाना दर भी जुलाई के 4.57 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 4.96 फीसदी हो गई है। यह आंकड़ा देश के 88 अहम औद्योगिक केंद्रों के 317 प्रमुख बाजारों से जुटाए गए खुदरा मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

पिछले बारह महीनों (सितंबर 2025 से अगस्त 2026) के सूचकांक का समग्र औसत 149.82 बैठता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के आधिकारिक फॉर्मूले के तहत बेस ईयर लिंकिंग फैक्टर (2.88) से गणना करने पर अनुमानित डीए 65.05 प्रतिशत आता है। चूंकि केंद्र सरकार दशमलव के अंकों को छोड़कर केवल पूर्णांक में भुगतान तय करती है, ऐसे में पात्र कर्मचारियों को पूरे 65 फीसदी की दर से भत्ता मिलने की राह साफ दिख रही है।

जून के ऐलान का इंतजार, एक साथ मिल सकता है दोहरा फायदा

हकीकत यह भी है कि केंद्र सरकार ने अभी जून 2026 छमाही के आधिकारिक डीए संशोधन की अधिसूचना जारी नहीं की है। वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को जनवरी 2026 से प्रभावी 60 फीसदी की दर से भुगतान हो रहा है। जून के आंकड़ों के मुताबिक डीए 63 फीसदी होना अपेक्षित था।

यदि केंद्रीय वित्त मंत्रालय दिवाली के आसपास जून की लंबित बढ़ोतरी के साथ-साथ अगली छमाही का समायोजन करता है, तो कर्मियों के खाते में एकमुश्त 5 फीसदी का इजाफा और बकाया एरियर (Arrears) जमा हो सकता है। नियमतः केंद्र सरकार साल में दो बार—1 जनवरी और 1 जुलाई से—महंगाई भत्ते में संशोधन करती है, जिसकी घोषणा अमूमन क्रमशः होली और नवरात्रि या दिवाली के मौके पर की जाती है।

पे-लेवल वार समझें वेतन में संभावित बढ़ोतरी

यदि डीए 60 फीसदी से बढ़कर 65 फीसदी होता है, तो निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक पदों तक के कर्मियों की टेक-होम सैलरी में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा:

पे लेवल न्यूनतम बेसिक पे (रुपये/माह) मौजूदा डीए (60% पर) संभावित डीए (65% पर) अनुमानित मासिक वेतन वृद्धि
लेवल 1 ₹18,000 ₹10,800 ₹11,700 ₹900
लेवल 2 ₹19,900 ₹11,940 ₹12,935 ₹995
लेवल 3 ₹21,700 ₹13,020 ₹14,105 ₹1,085
लेवल 4 ₹25,500 ₹15,300 ₹16,575 ₹1,275
लेवल 5 ₹29,200 ₹17,520 ₹18,980 ₹1,460
लेवल 6 ₹35,400 ₹21,240 ₹23,010 ₹1,770
लेवल 7 ₹44,900 ₹26,940 ₹29,185 ₹2,245
लेवल 8 ₹47,600 ₹28,560 ₹30,940 ₹2,380
लेवल 9 ₹53,100 ₹31,860 ₹34,515 ₹2,655
लेवल 10 ₹56,100 ₹33,660 ₹36,465 ₹2,805

पे-लेवल 1 के कर्मचारी, जिनकी न्यूनतम मूल सैलरी 18,000 रुपये है, उनके भत्ते में 900 रुपये प्रति माह का शुद्ध इजाफा होगा। वहीं, लेवल-10 पर नियुक्त अधिकारियों के मासिक वेतन में 2,805 रुपये की सीधी वृद्धि दर्ज की जाएगी। पेंशनभोगियों के लिए यही गणना महंगाई राहत (Dearness Relief) के रूप में लागू होगी, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मासिक पेंशन में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी।

Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस सेक्शन की एक अनुभवी आर्थिक एवं व्यापार संवाददाता हैं। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग सेक्टर और पर्सनल फाइनेंस उनकी मुख्य बीट (Beat) है। पारुल को मार्केट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर ट्रेंड्स का सटीक विश्लेषण करने में खास महारत हासिल है। वह अपनी रिपोर्टिंग में हमेशा प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों और विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करती हैं। पारुल का मुख्य उद्देश्य बजट, टैक्स नियमों और निवेश से जुड़ी अहम खबरों को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम आदमी का वित्तीय ज्ञान और अधिक मजबूत हो सके।

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