Gud Khane Ke Nuksan : सर्दियों का मौसम आते ही भारतीय घरों में गुड़ का इस्तेमाल बढ़ जाता है। चाय से लेकर खाने के बाद मीठे के तौर पर इसका खूब सेवन किया जाता है।
आयुर्वेद में इसे आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे तत्वों के कारण ‘देसी सुपरफूड’ माना गया है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर किसी के लिए गुड़ फायदेमंद नहीं है। कुछ विशेष परिस्थितियों में इसका सेवन आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
ब्लड शुगर और वजन पर असर
डायबिटीज के मरीजों को गुड़ खाने से बचना चाहिए। इसमें हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) होता है, जो शरीर में जाते ही ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा देता है।
सुक्रोज का बड़ा स्रोत होने के कारण यह सफेद चीनी की तरह ही काम करता है। वहीं, जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी सतर्क रहना चाहिए।
गुड़ में कैलोरी और ग्लूकोज-फ्रुक्टोज की मात्रा अधिक होती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है।
पेट और पाचन की समस्याएं
अगर आपको एसिडिटी की शिकायत रहती है, तो गुड़ से परहेज करना बेहतर है। खाली पेट इसे खाने से पाचक एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन पचाने के लिए भोजन न होने पर यह मेटाबॉलिज्म गड़बड़ा देता है।
इसके अलावा, अधिक मात्रा में गुड़ खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। यह आंतों को उत्तेजित करता है, जिससे पेट फूलना, गैस और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
एलर्जी और दांतों की सुरक्षा
गुड़ की तासीर और बनावट भी कुछ लोगों को रास नहीं आती। यह स्वभाव से चिपचिपा होता है। खाने के बाद अगर मुंह ठीक से साफ न किया जाए, तो यह दांतों पर चिपक कर बैक्टीरिया पैदा करता है, जिससे कैविटी हो सकती है।
कुछ लोगों को गन्ने के रस या गुड़ की अशुद्धियों से एलर्जी भी होती है। ऐसे में नाक बहना, त्वचा पर रैशेज, सिरदर्द या जी मिचलाने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।















