CM Dhami Jan Jan Ki Sarkar yojana : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के ताजा आंकड़े 17 जनवरी 2026 को जारी किए गए हैं।
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सुशासन और जवाबदेही को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में अब तक कुल 383 शिविर लगाए जा चुके हैं। प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है।
शिकायतों का त्वरित निस्तारण
आंकड़ों के मुताबिक, इन शिविरों में अब तक 3,07,705 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इसमें अकेले 17 जनवरी को 19,875 लोग शामिल हुए। जनता की ओर से कुल 31,288 शिकायती प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपे गए, जिनमें से 21,047 मामलों का सफल निस्तारण कर दिया गया है।
17 जनवरी को एक ही दिन में प्रशासन ने 1,556 शिकायतों को सुलझाकर लोगों को राहत दी। यह सक्रियता दर्शाती है कि फाइलों को लटकाने के बजाय, मौके पर फैसले लेने पर जोर दिया जा रहा है।
घर बैठे मिल रहे प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करने के लिए शिविरों में ही 42,116 प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं। आज के दिन भी 2,417 प्रमाण पत्र बनाए गए।
इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य और स्वरोजगार जैसी योजनाओं का लाभ अब तक 1,67,940 लोगों तक पहुंचाया गया है। 17 जनवरी को 9,701 नए लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ा गया।
मैदानी और पर्वतीय जिलों में व्यापक असर
यह अभियान राज्य के सभी 13 जनपदों में चल रहा है। रिपोर्ट बताती है कि अल्मोड़ा, हरिद्वार, देहरादून और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में लोगों ने बड़ी संख्या में शिविरों का लाभ उठाया है।
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इसके अलावा नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भी प्रशासन लगातार शिविर लगाकर लोगों से संवाद स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री धामी का यह मॉडल सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करने में सफल साबित हो रहा है।



















