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Dehradun : डीएम सविन बंसल का बड़ा एक्शन, रिपोर्ट में देरी पर छिन गई दो अफसरों की सरकारी गाड़ियां

देहरादून डीएम सविन बंसल ने स्कूलों की मरम्मत रिपोर्ट में देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी की सरकारी गाड़ियां जब्त कर ली हैं। जिले के 1200 में से 100 स्कूल जर्जर हालत में हैं, जिसकी रिपोर्ट अब तैयार हो पाई है। फिलहाल ये अफसर टैक्सी और लिफ्ट लेकर काम चला रहे हैं।

Published on: January 17, 2026 3:12 PM
Dehradun : डीएम सविन बंसल का बड़ा एक्शन, रिपोर्ट में देरी पर छिन गई दो अफसरों की सरकारी गाड़ियां
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HIGHLIGHTS

  • डीएम का एक्शन: रिपोर्ट समय पर न देने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी और डीईओ बेसिक के वाहन जब्त।
  • वजह: मानसून से पहले जर्जर स्कूलों की सूची और बजट एस्टीमेट देने में हुई थी देरी।
  • हालात: जिले के 1200 में से करीब 100 स्कूल क्षतिग्रस्त, अब तैयार हुई मरम्मत की रिपोर्ट।
  • असर: सरकारी बैठकों और दौरों के लिए अब टैक्सी या कर्मचारियों से लिफ्ट मांग रहे हैं अफसर।
  • इतिहास: डीएम सविन बंसल पहले भी कैंट बोर्ड सीईओ और वन निगम के अफसरों पर ऐसी कार्रवाई कर चुके हैं।

Dehradun DM Savin Bansal Action : देहरादून में सरकारी काम में लेतलाली दो बड़े अधिकारियों को भारी पड़ गई है। जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) और जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) की सरकारी गाड़ियां जब्त कर ली हैं।

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मामला बरसात से पहले जर्जर स्कूलों की मरम्मत से जुड़ा है, जिसकी रिपोर्ट समय पर न मिलने से डीएम नाराज थे। अब आलम यह है कि शिक्षा विभाग के ये दोनों जिम्मेदार अफसर सरकारी बैठकों और निरीक्षण के लिए टैक्सी या कर्मचारियों से लिफ्ट मांगने को मजबूर हैं।

100 स्कूलों की सुरक्षा का था सवाल

दरअसल, मानसून आने वाला है और जिले के कई सरकारी स्कूल जर्जर हालत में हैं। डीएम सविन बंसल ने करीब दस दिन पहले शिक्षा विभाग से ऐसे स्कूलों की सूची और मरम्मत के बजट का एस्टीमेट मांगा था। जिले में कुल 1200 सरकारी स्कूल हैं।

जब अधिकारियों की गाड़ियां छीनी गईं, तब जाकर रिपोर्ट तैयार हुई। इस रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 100 स्कूल ऐसे हैं जो पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं और फिलहाल दूसरी इमारतों में चल रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में देरी डीएम को नागवार गुजरी।

अफसरों की दलीलें और प्रोटोकॉल का पेंच

कार्रवाई के बाद अधिकारियों के बयान अलग-अलग आए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल का कहना है कि उन्हें गाड़ी जब्त होने का सटीक कारण नहीं पता, क्योंकि उन्होंने एक रिपोर्ट एडीएम को समय पर सौंप दी थी।

वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) प्रेमलाल भारती ने माना कि सूचना देने में देरी हुई, जिसके चलते वाहन जब्त किए गए। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि वीआईपी प्रोटोकॉल में गाड़ियों की कमी थी, इसलिए प्रशासन ने ये दोनों गाड़ियां वहां लगा दी हैं।

डीएम बंसल का ‘एक्शन मोड’

देहरादून का चार्ज संभालने के बाद से ही डीएम सविन बंसल जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही पर सख्त हैं। इससे पहले उन्होंने क्लेमनटाउन कैंट बोर्ड के सीईओ का वाहन जब्त किया था।

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वन निगम के अधिकारियों द्वारा आठ महीने तक पेड़ कटाई की अनुमति फाइल दबाने पर भी उन्होंने वन निगम के अफसरों, डीएलएम और आरएम को फटकार लगाते हुए वाहन जब्त करने के आदेश दिए थे। शिक्षा विभाग पर हुई इस ताजा कार्रवाई ने जिले के बाकी विभागों को भी कड़ा संदेश दिया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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