Dehradun : देहरादून जिला प्रशासन ने उन बेटियों के लिए उम्मीद का रास्ता तैयार किया है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखने का हौसला रखती हैं।
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जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल ने शुक्रवार, 09 जनवरी 2026 को दो मेधावी छात्राओं को सीएसआर फंड से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी। यह मदद प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ के तहत दी गई है, जिसने पिछले सप्ताह ही इन बेटियों की रुकी हुई शिक्षा को दोबारा पटरी पर लाया था।
जीविका का सीए बनने का सपना अब नहीं रुकेगा
बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा जीविका अंथवाल का परिवार इस वक्त बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। उनके पिता गंभीर लिवर रोग के कारण पिछले कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर है, जो बेहद सीमित संसाधनों में परिवार चला रही हैं।
जीविका की पढ़ाई न रुके, इसके लिए उनकी मां ने डीएम से मदद की गुहार लगाई थी। हालात की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने न केवल 1 लाख रुपये की सहायता राशि जीविका के खाते में ट्रांसफर की, बल्कि उन्हें राइफल फंड से एक लैपटॉप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे जीविका का सीए (CA) बनने का संकल्प अब संसाधनों के अभाव में नहीं टूटेगा।
आंगनवाड़ी वर्कर की बेटी नंदिनी बनेगी डॉक्टर
कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी राजपूत की कहानी भी संघर्षों से भरी है। वर्ष 2018 में पिता के निधन के बाद उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, सिलाई करके घर का खर्च चला रही हैं। नंदिनी समेत तीन बहनों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
नंदिनी नीट (NEET) परीक्षा पास कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। इस जज्बे को देखते हुए जिला प्रशासन ने उनके खाते में भी सीएसआर फंड से 1 लाख रुपये की राशि दी है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक तंगी नंदिनी की मेडिकल की तैयारी में बाधा न बने।
शिक्षा की ‘स्पार्क’ को बुझने नहीं देंगे: डीएम
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि सीएसआर फंड का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों का कल्याण है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे इस राशि का उपयोग पूरी तरह अपनी पढ़ाई के लिए करें।
डीएम ने कहा कि परिस्थितियों की मार झेल रहे परिवारों की बेटियों की शिक्षा जारी रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए शिक्षा की ‘स्पार्क’ जलाए रखने का संदेश दिया।
इस दौरान उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक मौजूद रहे।
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