देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और कैबिनेट मंत्री के पति के विवादित बोल के खिलाफ शनिवार को महिला कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा।
Dehradun : लाखामण्डल में भ्रष्टाचार पर डीएम का डंडा, ऑडियो सबूत मिलते ही पटवारी जयलाल शर्मा निलंबित
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यमुना कॉलोनी स्थित कैबिनेट मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए कूच किया। हालांकि, पुलिस ने सख्त पहरे के बीच मुख्य गेट से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
दो मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी
महिला कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को दो मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रखा। पहला, अंकिता भंडारी हत्याकांड, और दूसरा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का कथित बयान। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि साहू ने “बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियों के आसानी से मिल जाने” की बात कही है, जो घोर निंदनीय है।
अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने मौके पर कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि हत्या के मामले में जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र बार-बार आया, उसे सिस्टम द्वारा लगातार बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में पिछले कुछ वर्षों में हुए महिला अपराधों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आने का भी दावा किया।
Uttarakhand : तपोवन में दूर होगी पानी की किल्लत, शुरू हुई 43 करोड़ की पंपिंग योजना
‘बेटी बचाओ’ के नारे पर सवाल
प्रदर्शनकारी महिलाएं पुलिस बैरिकेडिंग के आगे सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रौतेला ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकारें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके नेताओं की मानसिकता महिलाओं के प्रति ऐसी है। कांग्रेस ने मांग की है कि कैबिनेट मंत्री इस पर स्पष्टीकरण दें और उनके पति सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हंगामे को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस वाहन में भरकर ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा, पार्षद कोमल बोरा, संगीता गुप्ता, सविता सोनगर, रॉबिन त्यागी, पिया थापा, अनीता सकलानी, महासचिव पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अमृता कौशल, अनुराधा तिवारी, रितेश क्षेत्री, विनीत प्रसाद बंटू और गौरव समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
Uttarakhand : ‘साक्ष्य मिटाने वाले ही मांग रहे सबूत’- अंकिता केस में कांग्रेस ने सरकार को घेरा



















