Dehradun : देहरादून के केदारपुरम क्षेत्र में स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन और शिशु सदन अब केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि सुविधाओं से लैस एक सुरक्षित घर बन गया है।
Uttarakhand Budget 2026-27: रेखा आर्या ने मुख्य सचिव से मांगा महिलाओं के लिए 30% हिस्सा
जिलाधिकारी सविन बंसल की नियमित निगरानी और ‘जिला योजना एवं खनिज न्यास’ के बजट से यहाँ रह रहीं 178 बेसहारा महिलाओं और 44 बच्चों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है। प्रशासन ने पिछले एक साल के भीतर यहाँ के आधारभूत ढांचे को पूरी तरह सुदृढ़ कर दिया है।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए विशेष भवन
जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेली रह गईं बुजुर्ग महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। परिसर के भीतर 30 बेड का एक दो मंजिला भवन रिकॉर्ड एक वर्ष के समय में बनकर लगभग तैयार हो चुका है।
यह भवन विशेष रूप से उन वृद्ध महिलाओं के लिए बनाया गया है जिन्हें विशेष देखभाल और सम्मानजनक आश्रय की आवश्यकता है। जिलाधिकारी के सतत प्रयासों से यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने की कगार पर है।
पढ़ाई और हुनर से संवरता भविष्य
निकेतन में रह रहे बच्चों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर प्रशासन का पूरा जोर है। बालक एवं बालिका निकेतन के बच्चों को अब स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा भी दी जा रही है।
वहीं, नारी निकेतन की महिलाओं के लिए क्राफ्ट डिजाइन, ऊनी वस्त्रों की कढ़ाई-बुनाई और सिलाई जैसे आजीविकापरक प्रशिक्षण शुरू किए गए हैं। मानसिक शांति के लिए संगीत, वाद्य यंत्र और योग का प्रशिक्षण भी नियमित रूप से दिया जा रहा है।
खेल मैदान और स्वास्थ्य सुविधाएँ
बालिका निकेतन में लड़कियों के शारीरिक विकास के लिए एक व्यवस्थित खेल मैदान का निर्माण कराया जा रहा है। यहाँ वे खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग की ट्रेनिंग ले रही हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डीएम के निर्देश पर दो अतिरिक्त नर्सों और दो होमगार्डों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, डॉक्टरों की विजिट अब नियमित कर दी गई है ताकि किसी भी बीमारी का समय पर इलाज हो सके।
Dehradun : कबाड़ी बनकर रेकी करने वाले दो चोर गिरफ्तार, 9 लाख का माल बरामद
दिसंबर के निरीक्षण का दिखा असर
गत दिसंबर माह में जिलाधिकारी सविन बंसल ने इन संस्थानों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने सुविधाओं को सुधारने का वादा किया था, जो अब धरातल पर दिख रहा है। सीवर लाइन, डॉर्मिटरी, शौचालय-स्नानागार, डाइनिंग एरिया और किचन की मरम्मत कराई गई है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त रजाइयाँ, बेड और डबल गद्दों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, बिजली जाने पर दिक्कत न हो, इसके लिए इनवर्टर भी स्थापित किए गए हैं।



















