देहरादून : जीएमएस रोड पर आज एक खास मौका था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्व. उमेश अग्रवाल की 66वीं जयंती पर आयोजित ‘मातृ-पितृ भक्ति दिवस’ में शिरकत की।
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अपने वरिष्ठ नेता को याद करते हुए सीएम ने राज्य के बुजुर्गों के लिए चल रही योजनाओं और उनके अधिकारों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बुजुर्गों को केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी दे रही है।
उमेश अग्रवाल: संगठन और समाज के शिल्पकार
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्व. उमेश अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उमेश जी ने अपना पूरा जीवन संगठन को मजबूत करने में लगा दिया। वे केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में उन्होंने हमेशा व्यापारियों की लड़ाई लड़ी।
जनसेवा और विकास उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा था। सीएम ने कहा कि ऐसे वरिष्ठजन हमारे परिवार और समाज की नीव होते हैं, जो संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
6 लाख बुजुर्गों को मिल रहा सीधा लाभ
बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा पर सीएम धामी ने अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सरकार हर महीने 1500 रुपये की राशि दे रही है। इसका फायदा इस वक्त राज्य के करीब 6 लाख बुजुर्ग उठा रहे हैं। खास बात यह है कि इस योजना में पात्र पति और पत्नी, दोनों को अलग-अलग पेंशन मिलती है, जिससे घर का खर्च चलाने में बड़ी मदद मिलती है।
हर जिले में तैयार होंगे ‘केयर गिवर’
बुजुर्गों की सेवा के लिए अब प्रोफेशनल मदद भी तैयार की जा रही है। सीएम ने बताया कि रुद्रपुर में केंद्र सरकार की मदद से एक मॉडल वृद्धाश्रम बन रहा है। इसके अलावा, राज्य में पहली बार ‘जेरियाट्रिक केयर गिवर’ (बुजुर्गों की देखभाल करने वाले) ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल हर जिले में कम से कम 50 मास्टर ट्रेनर और 150 केयर गिवर तैयार किए जाएं, जो बुजुर्गों की उचित देखभाल कर सकें।
सेहत और सम्मान की गारंटी
सेहत के मोर्चे पर भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। इस साल 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, बदलते सामाजिक परिवेश में बुजुर्गों के साथ हो रही अनदेखी पर भी सीएम सख्त नजर आए। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम’ लागू है।
यह कानून बुजुर्गों को ताकत देता है कि अगर उनके बच्चे या वारिस उनकी देखभाल नहीं करते, तो वे कानूनी तौर पर उनसे भरण-पोषण मांग सकते हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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