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Vastu Rules : छत पर गलत दिशा में रखी टंकी बनती है वास्तु दोष की वजह, इस दिशा में रखना है बेहतर

घर की छत पर ओवरहेड पानी की टंकी हमेशा दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण में रखनी चाहिए। ईशान कोण या आग्नेय कोण में भारी टंकी रखने से वास्तु असंतुलन पैदा होता है, जिसका असर घर की शांति पर पड़ता है।

Published On: August 20, 2026 9:24 AM
Vastu Rules

Vastu Rules : नया घर बनाते समय लोग कमरे, किचन और मुख्य दरवाजे की दिशा तो वास्तु के अनुसार तय कर लेते हैं, लेकिन छत पर रखी जाने वाली पानी की टंकी पर अक्सर ध्यान नहीं जाता।

खाली जगह देखकर टंकी कहीं भी रख दी जाती है, जबकि छत पर पानी का भारी वजन किस दिशा में है, इसका घर की ऊर्जा पर सीधा असर पड़ता है।

वास्तु शास्त्र में पानी और भार (वजन) दोनों के लिए अलग-अलग नियम तय किए गए हैं। ओवरहेड वाटर टैंक पानी का बहुत बड़ा और भारी स्रोत होता है, इसलिए इसकी सही जगह चुनना बहुत जरूरी है।

पानी की टंकी के लिए सबसे सही कोना

छत पर ओवरहेड पानी की टंकी लगाने के लिए दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा, जिसे नैऋत्य कोण कहा जाता है, सबसे उत्तम मानी जाती है।

वास्तु के बुनियादी नियमों के मुताबिक, घर का दक्षिण और पश्चिम हिस्सा हमेशा उत्तर और पूर्व के मुकाबले भारी और ऊंचा होना चाहिए।

जब आप दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी पानी की टंकी रखते हैं, तो यह उस हिस्से को मजबूती और भारीपन देती है, जो घर में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।

अगर ठीक कोने में जगह न बने, तो आप टंकी को पूरी तरह से पश्चिम दिशा में भी स्थापित करवा सकते हैं।

भूलकर भी इन दो दिशाओं में न रखें टंकी

ईशान कोण (North-East): उत्तर-पूर्व दिशा को वास्तु में देव स्थान और सबसे हल्का कोना माना जाता है।

यहां जमीन के नीचे पानी का स्रोत (जैसे बोरवेल या अंडरग्राउंड टैंक) बनाना शुभ होता है, लेकिन छत के ऊपर भारी टंकी रखना भारी वास्तु दोष पैदा करता है। इससे मानसिक तनाव और आर्थिक रुकावटें आ सकती हैं।

आग्नेय कोण (South-East): दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व की मानी जाती है। यहां पानी का भारी भराव करने से अग्नि और जल तत्व का टकराव होता है, जिससे घर के सदस्यों के बीच बेवजह की तनातनी और कलह का माहौल बन सकता है।

टंकी लगाते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

टंकी को कभी भी छत की स्लैब पर सीधे सटाकर न रखें। इसे ईंटों या लोहे के ऊंचे स्टैंड पर टिकाकर लगाना ज्यादा सुरक्षित और सही रहता है।

टंकी के आसपास नियमित सफाई रखें और किसी भी तरह का लीकेज न होने दें, क्योंकि रिसता हुआ पानी नकारात्मकता लाता है।

काले या बहुत गहरे रंग की जगह हल्के नीले या सफेद रंग की मजबूत वाटर टैंक का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

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Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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