Bestune Xiaoma EV : चीन के ऑटोमोबाइल मार्केट में माइक्रो इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर की मांग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। इसी होड़ के बीच बेस्ट्यून ब्रांड ने अपनी नई 3-डोर स्मॉल इलेक्ट्रिक कार शाओमा (Xiaoma) की कीमतों और तकनीकी स्पेसिफिकेशंस का खुलासा करके छोटे बजट वाले ग्राहकों का ध्यान खींचा है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से इस कार की कीमत लगभग 4.24 लाख रुपये से शुरू होकर 7.07 लाख रुपये तक जाती है। चीनी मुद्रा में यह आंकड़ा 30,000 से 50,000 युआन के बीच बैठता है।
एंट्री-लेवल कार खरीदारों के लिए सबसे बड़ी चिंता हमेशा से कीमत और बैटरी की रेंज रही है। शाओमा को जिस FME modular प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, उसकी रेंज क्षमता 800 किलोमीटर तक जाती है, जबकि रेंज एक्सटेंडर तकनीक के साथ यह ढांचा 1200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने में सक्षम है।
कॉम्पैक्ट बॉडी फ्रेम और रोजमर्रा की ड्राइविंग सहूलियत
शहर की तंग गलियों और भारी ट्रैफिक में गाड़ियां पार्क करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बेस्ट्यून शाओमा की कुल लंबाई 3000 मिमी, चौड़ाई 1510 मिमी और ऊंचाई 1630 मिमी रखी गई है। इस कार का व्हीलबेस 1,953 मिमी का है, जिससे चार सवारियों के बैठने के बावजूद कार की टर्निंग रेडियस बेहद कम रहती है। यू-टर्न लेते समय या संकरी जगह में गाड़ी खड़ी करते वक्त यह डायमेंशन ड्राइवर को सीधा फायदा पहुंचाता है।
तीन दरवाजों वाले इस हैचबैक बॉडी स्ट्रक्चर में गोल किनारों वाले स्क्वायर हेडलैंप दिए गए हैं। कार के बाहरी हिस्से में दिए गए एयरोडायनामिक व्हील कवर केवल दिखने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह हवा के दबाव को कम करके ड्राइविंग के दौरान बैटरी की खपत को घटाने में सीधी मदद करते हैं।
बैटरी पैक, मोटर और रियर-व्हील ड्राइव का गणित
बेस्ट्यून शाओमा को पावर देने के लिए रियर शाफ्ट पर 20 किलोवाट (20 kW) की सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई है। पिछले पहियों पर पावर सप्लाई होने की वजह से चढ़ाई या ढलान वाले रास्तों पर कार का संतुलन बेहतर बना रहता है। इस कार में लिथियम-आयरन फॉस्फेट (LFP) रसायन पर आधारित बैटरी पैक का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी सप्लाई गोशन (Gotion) और आरईपीटी (REPT) जैसी दिग्गज बैटरी कंपनियां कर रही हैं।
LFP बैटरी तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसका टिकाऊपन और हाई-टम्परेचर सेफ्टी है। पारंपरिक बैटरी सेल के मुकाबले एलएफपी सेल तेजी से चार्ज होते हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी अपनी क्षमता बनाए रखते हैं। FME आर्किटेक्चर में 800-वोल्ट की हाई-वोल्टेज चार्जिंग का सपोर्ट शामिल है।
केबिन का माहौल, डिजिटल कंट्रोल और सेफ्टी किट

गाड़ी के भीतर कदम रखते ही डैशबोर्ड पर 7-इंच का फ्लोटिंग टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट यूनिट नजर आता है। इंटीरियर में डुअल-टोन थीम दी गई है जो एनिमेटेड विजुअल्स जैसा अहसास कराती है। स्पीडोमीटर, बैटरी परसेंटेज और ओडोमीटर की रीडिंग ड्राइवर के ठीक सामने डिजिटल क्लस्टर पर दिखाई देती है।
सुरक्षा के मोर्चे पर कंपनी ने ड्राइवर साइड के लिए एयरबैग दिया है। हालांकि यह गाड़ी हार्डटॉप और कन्वर्टिबल (खुली छत) दोनों कॉन्सेप्ट में दिखाई गई थी, लेकिन फिलहाल बाजार में केवल हार्डटॉप वैरिएंट की बिक्री शुरू की गई है।
FME प्लेटफॉर्म की बारीकियां और भारत जैसे बाजारों का नजरिया
बेस्ट्यून का यह FME आर्किटेक्चर दो अलग-अलग सब-प्लेटफॉर्म (A1 और A2) में विभाजित है। A1 सब-प्लेटफॉर्म 2700 मिमी से 2850 मिमी व्हीलबेस वाली सब-कॉम्पैक्ट गाड़ियों के लिए काम करता है, जबकि A2 का उपयोग 2700 मिमी से 3000 मिमी व्हीलबेस वाली गाड़ियों में होता है। इससे पहले कंपनी ने अपनी राइड-हेलिंग ईवी ‘NAT’ को भी इसी तकनीक पर तैयार किया था।
भारतीय बाजार में टाटा टियागो ईवी और एमजी कॉमेट ईवी जैसे मॉडल्स पहले से मौजूद हैं। 4 से 7 लाख रुपये के प्राइस ब्रैकेट में अगर इस तरह की लंबी रेंज सपोर्ट वाली माइक्रो ईवी पेश की जाती है, तो टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर पर शिफ्ट होने वाले मध्यवर्गीय परिवारों के लिए पेट्रोल का खर्च शून्य के बराबर हो जाएगा। चीनी ऑटो मेकर्स अब इन छोटी कारों के जरिए वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।













