Feng Shui Tips For Home : घर के भीतर लगातार होने वाले तनाव और बेवजह के झगड़ों का कारण अक्सर वास्तु दोष या खराब फेंगशुई ऊर्जा हो सकती है।
प्राचीन चीनी वास्तु कला ‘फेंगशुई’ के अनुसार, हमारे आसपास की चीजें हमारी ‘ची’ (ऊर्जा) को नियंत्रित करती हैं, जिसका सीधा असर परिवार के सदस्यों के आपसी तालमेल पर पड़ता है।
कलह दूर करने के प्रभावी फेंगशुई नियम
अगर आप अपने घर के माहौल को खुशनुमा और सकारात्मक बनाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नियमों का पालन करें:
प्रवेश द्वार की स्वच्छता: फेंगशुई में मुख्य द्वार को ‘मुंह’ माना गया है जिससे ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। दरवाजे के पीछे कूड़ा न रखें और सुनिश्चित करें कि दरवाजा खोलते समय आवाज न करे। टूटा हुआ ताला या हैंडल तुरंत बदलें।
नकारात्मक वस्तुओं की विदाई: बंद पड़ी घड़ियां, चटके हुए बर्तन, टूटे हुए आईने और खराब इलेक्ट्रॉनिक्स सामान घर में दरिद्रता और गुस्से को जन्म देते हैं। इन्हें घर से तुरंत हटा देना चाहिए।
पानी के बहाव पर नियंत्रण: नल का टपकना केवल पानी की बर्बादी नहीं, बल्कि आपकी भावनाओं और धन के बह जाने का प्रतीक है। रिसाव वाले नलों को ठीक करवाएं ताकि घर में स्थिरता आए।
ध्वनि प्रदूषण से बचाव: तेज और कर्कश अलार्म या घंटियों की जगह सौम्य और मधुर संगीत का प्रयोग करें। फेंगशुई के अनुसार, मधुर ध्वनि घर की रुकी हुई ऊर्जा को सक्रिय करती है।
रिश्तों के लिए ‘पेयरिंग’ का मंत्र: बेडरूम या लिविंग रूम में अकेलेपन को दर्शाने वाली तस्वीरें या मूर्तियां न रखें। इसकी जगह लव बर्ड्स, दो मोमबत्तियां या दो खूबसूरत फूलदान रखें। यह पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ाता है।

फेंगशुई के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
रात को सोते समय जूठे बर्तन सिंक में न छोड़ें, यह मानसिक अशांति पैदा करता है।
घर के कोनों में अंधेरा न रहने दें; वहां छोटी लाइट्स का प्रयोग करें ताकि ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
घर के बीचों-बीच भारी फर्नीचर रखने से बचें, इस स्थान को खाली रखने से सकारात्मकता बढ़ती है।














