Honda City Hybrid Sales Drop : देश के ऑटो बाजार में जहां स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों की मांग तेजी पकड़ रही है, वहीं होंडा की इकलौती हाइब्रिड सेडान शोरूम में ग्राहकों के लिए तरसती नजर आई। अगस्त 2026 के ताजा बिक्री आंकड़ों ने कंपनी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बीते महीने इस प्रीमियम हाइब्रिड सेडान (Hybrid Sedan) को देशभर में महज 30 खरीदार नसीब हुए।
सालाना आधार पर देखें तो यह गिरावट 63 प्रतिशत की है। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 82 यूनिट्स दर्ज किया गया था। बाजार में जहां टोयोटा की इनोवा हायक्रॉस और अर्बन क्रूज़र हायराइडर जैसी गाड़ियां महीनों की वेटिंग पर चल रही हैं, वहीं सिटी हाइब्रिड का सिंगल डिजिट के करीब पहुंचना हैरान करता है।
माइलेज और पावरट्रेन में कोई कमी नहीं, फिर भी झटका
तकनीकी मोर्चे पर होंडा सिटी ई:एचईवी (Honda City e:HEV) बेहद सक्षम पैकेज मानी जाती है। इसमें 1.5-लीटर का 4-सिलेंडर एटकिंसन-साइकिल पेट्रोल इंजन लगा है। यह सिस्टम दो इलेक्ट्रिक मोटरों के साथ मिलकर 126 बीएचपी की कंबाइंड पावर और 253 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। स्मूथ ड्राइविंग के लिए इसे ई-सीवीटी गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।
सबसे बड़ा आकर्षण इसका माइलेज है। यह कार 27.13 किमी प्रति लीटर का एआरएआई-प्रमाणित माइलेज देती है। 40-लीटर के पूरे फ्यूल टैंक पर यह सेडान सैद्धांतिक रूप से 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने का दम रखती है।
ऊंची कीमत और एसयूवी के दबदबे ने बिगाड़ा खेल
जानकारों के मुताबिक, इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह भारतीय खरीदारों का सेडान छोड़कर मिड-साइज एसयूवी की तरफ तेजी से शिफ्ट होना है। 19 लाख से 20.5 लाख रुपये की एक्स-शोरूम रेंज में ग्राहकों के सामने टोयोटा हायराइडर और मारुति ग्रैंड विटारा जैसी स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड एसयूवी के विकल्प मौजूद हैं, जो बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और ऊंचा रोड प्रजेंस देती हैं।
इसके अलावा, होंडा सिटी के स्टैंडर्ड पेट्रोल मॉडल और हाइब्रिड वेरिएंट के बीच करीब 4 से 5 लाख रुपये का बड़ा प्राइस गैप है। डेली रनिंग बहुत ज्यादा न होने की स्थिति में आम प्राइवेट खरीदार इस अतिरिक्त रकम को रिकवर करना घाटे का सौदा मानते हैं।
कार में सुरक्षा के लिहाज से लेवल-1 ‘होंडा सेंसिंग’ यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है। इसमें लेन कीप असिस्ट, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल शामिल हैं। बावजूद इसके, बूट में हाइब्रिड बैटरी पैक लगे होने के कारण पारंपरिक सिटी के मुकाबले लगेज स्पेस कम होना भी फैमिली बायर्स को ठिठकने पर मजबूर करता है। फिलहाल देखना होगा कि आने वाले त्योहारी सीजन में कंपनी इस मंदी से उबरने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।










