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उत्तराखंड के जंगलों में धधकी आग, 250 से ज्यादा अलर्ट जारी, मसूरी-चकराता में दहशत

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के बीच वनाग्नि की घटनाएं बेकाबू हो गई हैं। रविवार को पूरे प्रदेश में 250 से अधिक अलर्ट जारी किए गए, जबकि मसूरी, चकराता और देहरादून में आग ने रिहायशी इलाकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

उत्तराखंड के जंगलों में धधकी आग, 250 से ज्यादा अलर्ट जारी, मसूरी-चकराता में दहशत

HIGHLIGHTS

  • प्रदेश में रविवार को वनाग्नि के 250 से ज्यादा अलर्ट।
  • देहरादून जिले में 24 घंटे के भीतर आग लगने की 21 घटनाएं दर्ज।
  • मसूरी के कैमल बैक में 4 और चकराता में 7 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग।
  • पौड़ी में लापरवाही से जंगल में आग लगाने वालों पर एफआईआर दर्ज।

देहरादून, 25 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। बढ़ते तापमान के साथ उत्तराखंड के जंगल एक बार फिर सुलग उठे हैं। वनाग्नि का दायरा इतनी तेजी से फैल रहा है कि रविवार को पूरे प्रदेश में 250 से अधिक अलर्ट जारी किए गए। मसूरी के कैमल बैक और चकराता के बरोरी जंगलों में लगी भीषण आग ने आसपास की आबादी को दहशत में डाल दिया। हालात से निपटने के लिए वन विभाग और फायर सर्विस को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

राजधानी देहरादून में ही बीते 24 घंटे के भीतर आग की 21 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दून फायर सर्विस का आपातकालीन नंबर लगातार बजता रहा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी के मुताबिक, दून में 12, डोईवाला और विकासनगर में तीन-तीन, जबकि ऋषिकेश में दो जगह आग लगी। कुआंवाला, जौलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप, आमवाला और पौंधा के जंगलों में भी दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया।

मसूरी के कैमल बैक रोड पर निरंकारी भवन के नीचे स्थित चीड़ के जंगल में रविवार शाम अचानक आग भड़क गई थी। तेज हवाओं और सूखे पिरूल के कारण आग तेजी से फैली और करीब आधा हेक्टेयर वन संपदा खाक हो गई। इलाके के कैंट और निजी वन क्षेत्र से सटे होने के कारण रिहायशी इलाकों पर सीधा खतरा मंडराने लगा था।

दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच सकीं। वनकर्मियों को पैदल ही गहरी ढलान में उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। डीएफओ अमित कंवर के अनुसार, करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात दस बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। स्थानीय निवासी हरपाल सिंह का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई न होती, तो लपटें बस्तियों तक पहुंच सकती थीं।

उधर, चकराता छावनी परिषद के बरोरी क्षेत्र में सड़क किनारे धधके जंगल को बुझाने में टीम को सात घंटे लग गए। साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर फेडूलानी में आग इतनी विकराल थी कि इसकी चपेट में आकर एक दो मंजिला दुकान पूरी तरह जल गई। छावनी परिषद कर्मियों को देर रात तक बचाव अभियान चलाना पड़ा।

आगजनी की घटनाओं को लेकर वन विभाग अब सख्त हो गया है। पौड़ी जिले के बुआखाल और कालेश्वर बीट में जानबूझकर या लापरवाही से आग लगाने के संदेह में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने स्पष्ट किया कि जंगलों की आग नापखेतों और बस्तियों तक पहुंच रही है, जो बेहद चिंताजनक है। विभाग अब शरारती तत्वों पर सीधी कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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