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बार-बार हो रहा है जोड़ों में दर्द? बढ़े हुए यूरिक एसिड का हो सकता है पहला इशारा

शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर सबसे पहला असर पैरों की उंगलियों और जोड़ों पर दिखता है। अगर समय रहते इसके संकेतों को पहचानकर लाइफस्टाइल में सुधार न किया जाए, तो यह गाउट और किडनी स्टोन का रूप ले सकता है।

Published On: August 10, 2026 11:40 AM
Uric Acid Symptoms

Uric Acid Symptoms : खराब जीवनशैली, खानपान में गड़बड़ी और कम पानी पीने की आदत के कारण आजकल यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या काफी आम हो गई है। पहले यह समस्या ढलती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं।

जब शरीर में प्यूरिन नाम का तत्व टूटता है, तब यूरिक एसिड बनता है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे यूरिन के जरिए बाहर निकाल देती है।

समस्या तब शुरू होती है जब शरीर में इसका उत्पादन जरूरत से ज्यादा होने लगे या किडनी इसे सही तरीके से फिल्टर न कर पाए।

समय पर ध्यान न देने पर यूरिक एसिड जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमने लगता है, जिससे गंभीर दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है।

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के शुरुआती लक्षण

शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ते ही कुछ खास तरह की शारीरिक दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इन संकेतों को वक्त पर पहचानना जरूरी है:

पैर के अंगूठे में अचानक तेज दर्द: यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे पहला और मुख्य लक्षण पैर के बड़े अंगूठे के जोड़ में तेज दर्द होना है।

यह दर्द अक्सर रात के वक्त अचानक शुरू होता है और इसमें इतनी संवेदनशीलता आ जाती है कि हल्का सा कपड़ा छूना भी मुश्किल लगता है।

जोड़ों में सूजन और रेडनेस: पैर के अंगूठे के अलावा घुटनों, टखनों, कलाई और उंगलियों के जोड़ों में सूजन आने लगती है। प्रभावित हिस्सा लाल पड़ जाता है और छूने पर हल्का गर्म महसूस होता है।

सुबह के समय जोड़ों में अकड़न: सुबह सोकर उठने पर या लंबे समय तक एक ही जगह बैठने के बाद जोड़ों को हिलाने-डुलाने में जकड़न महसूस होना इसका एक शुरुआती संकेत है।

चलने-फिरने में तकलीफ: जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ने के कारण सामान्य रूप से चलने, सीढ़ियां चढ़ने या कोई भारी सामान उठाने में दिक्कत होने लगती है।

किडनी और मूत्र मार्ग पर असर

यूरिक एसिड सिर्फ जोड़ों को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका सीधा असर किडनी की सेहत पर भी पड़ता है।

जब यूरिक एसिड का स्तर लगातार हाई रहता है, तो इसके क्रिस्टल किडनी में जमा होकर पथरी (Kidney Stone) बना सकते हैं।

अगर आपको कमर के निचले हिस्से या साइड में अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आने या यूरिन में खून दिखने की समस्या हो, तो यह यूरिक एसिड स्टोन का इशारा हो सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने की मुख्य वजहें

खानपान और दिनचर्या से जुड़ी कुछ आदतें यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ाती हैं:

  • रेड मीट, ऑर्गन मीट और कुछ खास तरह के सी-फूड का अत्यधिक सेवन
  • पैकेज्ड जूस, सोडा और फ्रुक्टोज वाले मीठे ड्रिंक्स पीना
  • शराब का अधिक सेवन करना
  • दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना
  • वजन ज्यादा होना या शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना

बचाव और रोकथाम के असरदार उपाय

यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए दवाओं के साथ-साथ सही लाइफस्टाइल अपनाना बेहद कारगर साबित होता है:

भरपूर पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है।

खानपान में बदलाव करें: डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, फाइबर युक्त अनाज और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स शामिल करें। प्यूरिन से भरपूर चीजों से परहेज रखें।

वजन पर काबू रखें: अगर वजन ज्यादा है, तो उसे धीरे-धीरे घटाने का प्रयास करें। अचानक से तेजी से वजन घटाने से बचें।

सक्रिय दिनचर्या अपनाएं: रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की-फुल्की वॉक या एक्सरसाइज जरूर करें।

डॉक्टर की सलाह कब लें?

अगर आपको जोड़ों में अचानक असहनीय दर्द, लालिमा या सूजन महसूस हो, अथवा कमर दर्द के साथ पेशाब में जलन या दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से जांच कराएं।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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