भीमताल : गाजियाबाद से नैनीताल जिले में घूमने आए छात्रों के एक दल के लिए रविवार की शाम भयावह साबित हुई, लेकिन कुदरत ने उन्हें बाल-बाल बचा लिया। भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर छात्रों से भरी एक टैंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में उतर गई।
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वाहन करीब 50 फीट नीचे गया, लेकिन गनीमत रही कि वह घने पेड़ों के बीच अटक गया। अगर पेड़ न होते, तो गाड़ी सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा सकती थी। इस वाहन में कुल 26 लोग सवार थे।
कार को बचाने के चक्कर में फिसला पहिया
पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद के वैशाली स्थित ‘गुरुनानक एकेडमी पैशन ट्यूटोरियल’ के 80 बच्चों और स्टाफ का ग्रुप तीन टैंपो ट्रैवलर में भीमताल और सातताल घूमने आया था।
वापसी के दौरान बोहराकून के पास यह हादसा हुआ। चालक अमित कुमार ने बताया कि पीछे से आ रही एक कार बार-बार पास मांग रही थी। उसे रास्ता देने के लिए जैसे ही गाड़ी किनारे की, टायर सड़क से नीचे उतर गया। मिट्टी धंसने से गाड़ी सीधे खाई की तरफ झुक गई।
स्थानीय लोगों ने रस्सियों से किया रेस्क्यू
गाड़ी के लुढ़कते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद को दौड़े। मनोज भट्ट, गौतम मटियाली और रवि कुमार समेत कई स्थानीय युवाओं ने पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को रस्सियों और मानव श्रृंखला की मदद से सड़क तक लाया गया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भीमताल पहुंचाया गया।
4 छात्र हल्द्वानी रेफर, 14 को प्राथमिक उपचार
डॉक्टरों ने बताया कि हादसे में 18 छात्र-छात्राएं चोटिल हुए हैं। इनमें से गाजियाबाद निवासी दीवा (16), एंजेल (16), अंशुल (16) और निखिल (17) को गंभीर चोटें होने के कारण हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) रेफर किया गया है। वहीं, मामूली रूप से घायल 14 अन्य छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
शिक्षिका का आरोप- नहीं थे सुरक्षा इंतजाम
मौके पर मौजूद संस्थान की शिक्षिका भावना ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां सड़क किनारे क्रैश बैरियर नहीं थे। उन्होंने कहा कि अगर वहां सुरक्षा दीवार होती तो गाड़ी नीचे नहीं जाती। शिक्षिका ने बताया कि सामने से आ रही कार और ओवरटेक कर रहे वाहनों के कारण ड्राइवर को गाड़ी किनारे करनी पड़ी थी। हादसे के बाद बच्चे और स्टाफ दहशत में नजर आए। फिलहाल सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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