देहरादून : जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में मरीजों और तीमारदारों की सबसे बड़ी समस्या जल्द खत्म होने जा रही है। अस्पताल को इसी वित्तीय वर्ष में अपना खुद का ब्लड बैंक मिल जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल की निगरानी में ₹142.91 लाख की लागत से इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
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ब्लड बैंक और ‘रक्त गरुड़’ से मिलेगी राहत
अब तक जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को रक्त की उपलब्धता के लिए दूसरे अस्पतालों या ब्लड बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे। अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक शुरू होने से आपातकालीन स्थितियों में समय की बचत होगी और इलाज तुरंत शुरू हो सकेगा। इसके अलावा, रक्त लाने-ले जाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन ने एक डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक वाहन “रक्त गरुड़” भी उपलब्ध कराया है।
491 से ज्यादा नवजातों को मिला जीवन
जिला अस्पताल में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा बदलाव आया है। 12 नवंबर 2024 को महज 6 बेड के साथ शुरू हुई स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) की क्षमता अब दोगुनी कर दी गई है। ₹17.03 लाख खर्च कर इस यूनिट का विस्तार किया गया है।
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आंकड़ों के मुताबिक, यूनिट शुरू होने के बाद शुरुआती दौर में 51 और जनवरी 2025 से अब तक 440 से अधिक नवजातों का सफल इलाज यहां किया गया है।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
बच्चों की सुरक्षा के लिए एसएनसीयू में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। यूनिट में माताओं के लिए दो वार्ड और स्टाफ रूम भी बनाए गए हैं। गंभीर स्थिति में नवजातों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने या ईको जांच के लिए ले जाने हेतु जिलाधिकारी ने एक विशेष वाहन की व्यवस्था भी की है, जिससे बच्चों को समय पर विशेषज्ञ देखभाल मिल रही है।
पार्किंग और कैंटीन का काम अंतिम चरण में
अस्पताल आने वाले लोगों की सुविधाओं में इजाफा करते हुए प्रशासन यहां ऑटोमेटेड पार्किंग और एक आधुनिक कैंटीन भी तैयार करवा रहा है। इनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी सविन बंसल लगातार इन विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि शासन के सहयोग से आम जनता को ये सुविधाएं जल्द से जल्द सौंपी जा सकें।
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