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Chardham Yatra 2026 : मंदिर परिसर में अब नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल और कैमरा, आदेश जारी

चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। गढ़वाल आयुक्त ने ऋषिकेश में हुई समीक्षा बैठक में इसके साथ ही सभी जरूरी कार्यों के टेंडर 7 दिनों के भीतर पूरे कर काम शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

Published on: January 17, 2026 5:06 PM
Chardham Yatra 2026 : मंदिर परिसर में अब नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल और कैमरा, आदेश जारी
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HIGHLIGHTS

  • बड़ा फैसला: चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पर पूरी तरह रोक, बीकेटीसी करेगी फोन जमा करने की व्यवस्था।
  • सख्त समयसीमा: यात्रा से जुड़े जरूरी कार्यों के टेंडर 7 दिन में पूरे करने और फास्ट ट्रैक मोड में काम शुरू करने के निर्देश।
  • सड़क सुरक्षा: पिछले साल की बारिश से सड़कों पर आए मलबे को एक महीने के भीतर हटाने का अल्टीमेटम।
  • संभावित समय: अप्रैल में यात्रा शुरू होने के आसार; केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथियां महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी पर तय होंगी।

Chardham Yatra 2026 : ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में शनिवार को चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर पहली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि इस बार यात्रा को और अधिक सुगम और अनुशासित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

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सबसे बड़ा बदलाव दर्शन व्यवस्था में किया गया है, जिसके तहत अब चारों धामों के मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरे ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मंदिर परिसरों में क्यों लगा प्रतिबंध?

बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि पिछले यात्रा सीजन में मंदिर परिसरों के भीतर रील बनाने, वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो खींचने के कारण दर्शन व्यवस्था में काफी बाधा उत्पन्न हुई थी। इसे देखते हुए गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए कि इस वर्ष से यह नियम सख्ती से लागू होगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंदिर परिसरों के बाहर श्रद्धालुओं के मोबाइल और कैमरे सुरक्षित रखने (लॉकर/क्लॉक रूम) की अलग से व्यवस्था सुनिश्चित करें।

7 दिन में टेंडर, फास्ट ट्रैक पर काम

आयुक्त ने यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को दो टूक कहा कि तैयारियों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से जुड़े अत्यावश्यक कार्यों की छंटनी कर अगले एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

टेंडर होते ही ‘फास्ट ट्रैक मोड’ में काम शुरू किया जाना चाहिए। बजट की चिंता न करने की बात कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलों की मांग के अनुरूप जल्द धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

एक महीने में चकाचक होंगी सड़कें

पिछले साल भारी बारिश के कारण चारधाम मार्गों पर कई जगह मलबा जमा हो गया था और यातायात अस्थायी तौर पर बहाल किया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए गढ़वाल आयुक्त ने एनएच, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को निर्देश दिए कि सड़कों पर पड़े मलबे को प्राथमिकता के आधार पर हटाकर एक महीने के भीतर मार्गों को पूरी तरह सुचारू किया जाए। साथ ही पार्किंग क्षमता बढ़ाने और पैदल मार्गों को सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया।

यात्रा का शेड्यूल और पिछली उपलब्धियां

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि यद्यपि कपाट खुलने की आधिकारिक तिथियां अभी घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन यात्रा अप्रैल माह से शुरू होने की संभावना है। परंपरा के अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं।

वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि पर और बदरीनाथ धाम की तिथि बसंत पंचमी पर तय की जाएगी।

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विगत वर्ष 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। इस बार भी भीड़ को देखते हुए बिजली, पानी, स्वास्थ्य, हेली सेवा और 24 घंटे आपदा कंट्रोल रूम को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी मौजूद रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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