देहरादून : राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (GDMC) प्रशासन ने छात्रों की अनुशासनहीनता पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं।
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पहले मामले में एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट की शिकायत पर एंटी रैगिंग कमेटी जांच कर रही है, जबकि दूसरे मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है।
जूनियर छात्र से मारपीट का आरोप
एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र ने अपने साथ हुई मारपीट और बदसलूकी की शिकायत दर्ज कराई है। छात्र का आरोप है कि सीनियर छात्रों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया और मारपीट की। पीड़ित छात्र ने बताया कि इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है और उसने अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी दी है।
हॉस्टल प्रशासन को 13 जनवरी को यह शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने इसे तत्काल एंटी रैगिंग कमेटी के हवाले कर दिया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर जांच में आरोप सही पाए गए, तो दोषी छात्रों के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई होगी।
कुर्सियां तोड़ने वाले 24 छात्र चिन्हित
कॉलेज प्रशासन ने पिछले महीने हुए ‘फॉर्निक्स’ कार्यक्रम के दौरान हुड़दंग मचाने वाले छात्रों पर भी शिकंजा कसा है। 17 और 18 दिसंबर को हुए इस आयोजन में कुछ छात्रों ने कुर्सियां तोड़ दी थीं। डॉ. विवेकानंद सत्यवली और डॉ. अनुराग अग्रवाल की अनुशासन समिति ने इस मामले में शुक्रवार को 2022, 2023 और 2025 बैच के कुल 42 छात्रों को तलब किया।
गलती कबूली, अब भरेंगे हर्जाना
समिति ने एक-एक कर सभी छात्रों के बयान दर्ज किए और सख्ती से पूछताछ की। इस दौरान 24 छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। कॉलेज प्रशासन ने फैसला लिया है कि टूटी हुई कुर्सियों की कीमत का हर्जाना इन्हीं 24 छात्रों से वसूला जाएगा।
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प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज में सरकारी संपत्ति का नुकसान और अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यह जुर्माना एक नजीर की तरह काम करेगा।



















