उत्तरकाशी : कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के उत्तरकाशी दौरे के दौरान शनिवार को गंगोरी में भारी गहमागहमी देखने को मिली। मंत्री ‘जन-जन के द्वार, जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम और माघ मेले में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन गंगोरी पुल के पास पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर वापस जाने के नारे लगाए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
Chardham Yatra 2026 : मंदिर परिसर में अब नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल और कैमरा, आदेश जारी
आपदा के समय नदारद रहने का आरोप
विरोध कर रहे कांग्रेसियों का गुस्सा इस बात पर था कि जब उत्तरकाशी का धराली क्षेत्र भीषण आपदा झेल रहा था, तब कृषि मंत्री ने एक बार भी वहां का दौरा नहीं किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब मेलों में शिरकत करने के लिए मंत्री के पास समय है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने मंत्री के पास मौजूद पीएमजीएसवाई विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिला मुख्यालय के पास गंगोरी-संगमचट्टी-अगोड़ा और ज्ञानसू-साल्ड-ऊपरीकोट जैसी महत्वपूर्ण सड़कों का वर्षों से डामरीकरण नहीं हुआ है। बदहाल सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष राणा और अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो मंत्री अपना विभाग नहीं संभाल सकते, उन्हें जिले में आने का हक नहीं है।
शिविर में एक्शन मोड में दिखे मंत्री
सड़क पर विरोध के बाद मंत्री गणेश जोशी सीधे गंगोरी स्थित शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों की उपस्थिति में जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान जल निगम के अधिशासी अभियंता (EE) के शिविर से अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के सख्त निर्देश दिए।
2 करोड़ की राहत और सड़कों का समाधान
शिविर में कुल 47 शिकायतें आईं, जिनमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। मंत्री ने धराली आपदा प्रभावितों को 2 करोड़ 1 लाख रुपये के चेक भी वितरित किए।
ग्रामीणों की मांग पर कैबिनेट मंत्री ने पीएमजीएसवाई और राजस्व विभाग को गंगोत्री हाईवे से उत्तरों गांव को जोड़ने वाली सड़क का संयुक्त निरीक्षण करने को कहा। साथ ही सेकू और हुर्री गांवों के लिए डीपीआर तैयार करने और बगियाल गांव में नाली निर्माण के निर्देश दिए, ताकि सड़क का पानी लोगों के घरों में न घुसे।
मंत्री जोशी ने बताया कि प्रदेश में चल रहे 45 दिवसीय विशेष शिविरों से अब तक 2.72 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने उपनल कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य, समान वेतन’ की व्यवस्था को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।



















