देहरादून : धामी सरकार एक बार फिर असहज है। वजह हैं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू। सोमेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान साहू ने स्थानीय युवाओं को बिहार से 20-25 हजार रुपये में दुल्हन लाने की सलाह दे डाली।
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वीडियो वायरल होते ही सियासी गलियारों में बवाल मच गया है। यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब सरकार और संगठन पहले ही अंकिता भंडारी केस को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं।
विवादित वीडियो की हकीकत
मामला अल्मोड़ा जिले का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 23 दिसंबर का बताया जा रहा है। गिरधारी लाल साहू सोमेश्वर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वहां मौजूद युवाओं से संवाद के दौरान उन्होंने शादी को लेकर सवाल पूछा।
साहू ने कहा कि अब तक शादी क्यों नहीं की? इतनी उम्र में तो हमारे तीन-चार बच्चे हो जाते थे। इसके बाद उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि तुम लोग बिहार चले जाओ, वहां 20 से 25 हजार रुपये में शादी के लिए युवतियां मिल जाती हैं।
विरोध बढ़ने पर दी सफाई
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने साहू को घेरना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख मंत्री पति ने अब सफाई पेश की है। उनका कहना है कि वे धौलागढ़ क्षेत्र में अपने एक मित्र की शादी के विषय में चर्चा कर रहे थे। साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उनके विरोधियों ने इस संबोधन को संदर्भ से काटकर मीडिया में पेश किया है।
उन्होंने अपनी सामाजिक छवि का हवाला देते हुए कहा कि वे हर साल बरेली की रामलीला में 101 बेटियों की शादी करवाते हैं। उन्होंने अंत में जोड़ा कि अगर उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वे हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।
मंत्री के विभाग पर ही उठे सवाल
इस बयान ने सियासी रूप ले लिया है क्योंकि गिरधारी लाल साहू की पत्नी रेखा आर्य खुद प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री हैं। कांग्रेस ने इसे सीधे महिलाओं की गरिमा पर हमला बताया है।
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि जिस घर के पास महिला विकास की जिम्मेदारी है, वहां से महिलाओं को ‘खरीदने’ जैसी बातें आ रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि महिलाओं को वस्तु की तरह 20-25 हजार में आंकना मानव तस्करी और महिला शोषण जैसी मानसिकता को बढ़ावा देता है। विपक्ष ने इसे सरकार की कथनी और करनी का अंतर बताया है।
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