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Operation Prahar : फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाकर बेची जमीन, देहरादून में पार्षद गिरफ्तार

देहरादून पुलिस ने संगठित भूमि धोखाधड़ी मामले में धर्मपुर (वार्ड 56) के पार्षद अमित भंडारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी से पूछताछ के बाद की गई है, जिसने महाराष्ट्र की एक बुजुर्ग महिला की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पी थी।

Published On: मई 24, 2026 7:46 अपराह्न
Operation Prahar : फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाकर बेची जमीन, देहरादून में पार्षद गिरफ्तार

HIGHLIGHTS

  • फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बेची गई थी महाराष्ट्र की बुजुर्ग महिला की देहरादून स्थित जमीन।
  • 20 हजार के इनामी मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी की गिरफ्तारी के बाद पार्षद का नाम आया सामने।
  • एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीमों ने लंबी पूछताछ के बाद पार्षद को किया गिरफ्तार।
  • अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी, जल्द मुख्य आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।

देहरादून, 24 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून में जमीनी धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस का ‘Operation Prahar’ लगातार जारी है। अब इस संगठित अपराध में शामिल सफेदपोश भी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में धर्मपुर (वार्ड नंबर-56) के पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया है।

यह गिरफ्तारी इस मामले के मुख्य आरोपी और 20 हजार के इनामी प्रदीप सकलानी की निशानदेही पर हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस संगठित गिरोह ने जमीन हड़पने के लिए दस्तावेजों की हेराफेरी से लेकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनाए थे।

फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से शुरू हुआ था खेल

पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का शिकार महाराष्ट्र के पालघर (नालासोपारा) निवासी बुजुर्ग महिला प्रतिमा लाखीराम कंसवाल हुईं। देहरादून स्थित उनकी कीमती जमीन पर आरोपियों की नजर थी।

मास्टरमाइंड प्रदीप सकलानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए। शातिर आरोपियों ने महिला के दोनों जीवित बेटों का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया, ताकि जमीन पर कोई दावेदार न बचे। इसके बाद इस जमीन को तीन अलग-अलग लोगों को बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया। इस मामले में थाना नेहरू कालोनी में धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा (अपराध संख्या- 82/26) दर्ज है।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से खुले कई नाम

बीते 21 मई को रायपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी को उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार किया था। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जब उससे कड़ाई से पूछताछ हुई, तो उसने इस जमीनी खेल में शामिल अपने कई मददगारों के नाम उगल दिए।

पूछताछ में पार्षद अमित भंडारी के अलावा हेम भट्ट, अमजद खान और शौकत अली जैसे कई संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद एसएसपी ने तत्काल विशेष टीमें गठित कर इन सभी को अलग-अलग थानों में पूछताछ के लिए तलब किया। साक्ष्यों के गहन विश्लेषण और संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद शनिवार को पार्षद अमित भंडारी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के रडार पर अन्य संदिग्ध

पुलिस ने पूछताछ के लिए लाए गए एक अन्य संदिग्ध हेम भट्ट को फिलहाल छोड़ दिया है। प्राथमिक जांच में उसके खिलाफ कोई पुष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। हालांकि, पुलिस हेम भट्ट और प्रदीप सकलानी के बयानों का लगातार परीक्षण कर रही है। जिन अन्य लोगों से पूछताछ पूरी हो गई है, उन्हें विवेचना में सहयोग करने की सख्त हिदायत देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

देहरादून पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी को पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान जमीनी धोखाधड़ी के इस नेक्सस से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की उम्मीद है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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