Vastu For Dining Room : घर का डाइनिंग एरिया सिर्फ भोजन करने का स्थान नहीं होता, बल्कि यहां परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर दिनभर की बातें साझा करते हैं।
वास्तु शास्त्र में इस जगह की ऊर्जा को परिवार के स्वास्थ्य और आपसी रिश्तों से सीधे जोड़कर देखा जाता है। घर को सजाते समय कई लोग डाइनिंग रूम में बड़ा शीशा लगाते हैं, लेकिन क्या डाइनिंग टेबल के ठीक सामने शीशा लगाना वास्तु के अनुसार सही है?
डाइनिंग टेबल के सामने शीशा क्यों शुभ माना जाता है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, डाइनिंग टेबल के सामने सही तरीके से लगा शीशा शुभ फल देता है। भोजन करते समय जब टेबल पर रखा भोजन शीशे में रिफ्लेक्ट होता है, तो वह दोगुना दिखाई देता है।
मान्यता है कि भोजन का यह दोहरा प्रतिबिंब घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होने देता। यह स्थिति घर में बरकत और सदस्यों के बीच सकारात्मक तालमेल को दर्शाती है।
किस दिशा में लगाएं शीशा?
डाइनिंग स्पेस में शीशा लगाने के लिए दिशा का चयन बहुत जरूरी है:
उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार: शीशा हमेशा उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा की दीवार पर लगाएं। इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है।
पश्चिम दिशा का विकल्प: अगर उत्तर या पूर्व की दीवार खाली न हो, तो पश्चिम दिशा की दीवार का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
दक्षिण दिशा से बचें: दक्षिण दिशा की दीवार पर शीशा लगाने से परहेज करें।
शीशा लगाते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान
शीशे में क्या दिख रहा है: शीशे का एंगल ऐसा रखें कि उसमें भोजन से सजी साफ-सुथरी टेबल दिखाई दे।
गंदगी या कबाड़ न दिखे: शीशे में डस्टबिन, वॉशबेसिन, जूठे बर्तन या बाथरूम का दरवाजा नहीं दिखना चाहिए।
साफ-सफाई: शीशा कभी भी चटका हुआ, धुंधला या गंदा नहीं होना चाहिए। गंदा शीशा नकारात्मक प्रभाव बढ़ाता है।
मुख्य दरवाजा: ध्यान रखें कि डाइनिंग रूम का शीशा सीधे घर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने न हो।
कब नहीं लगाना चाहिए शीशा?
अगर आपके डाइनिंग एरिया की बनावट ऐसी है कि शीशे में हमेशा खाली टेबल, अव्यवस्थित सामान या अंधेरा कोना ही रिफ्लेक्ट होता है, तो वहां शीशा लगाने से बचें।
खालीपन या अव्यवस्था का रिफ्लेक्शन घर के माहौल में तनाव पैदा कर सकता है।











